जैसलमेर में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जासूसी के आरोप में एक युवक को हिरासत में ले लिया है। बताया जाता है कि आरोपी नवाब खान लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था। आरोपी गंगा गांव सम इलाके का रहने वाला है। सुरक्षा एजेंसी काफी दिनों से आरोपी के ऊपर नजरें जमाए हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि नवाब वह पाकिस्तान से जासूसी की ट्रेनिंग लेकर आया है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले और उसके बाद पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद से उसकी हरकतें बढ़ गई थी। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद नवाब लगातार पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) के संपर्क में था। वह बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और सेना की गतिविधियां आईएसआई को भेजता था। ISI ने सूचना के बदले उसे 5 हज़ार रुपए का इनाम दिया था। पाकिस्तान में नवाब का रिश्तेदार सुमार ISI के लिए काम करता है। पिछले साल जनवरी-फरवरी में नवाब पाकिस्तान गया था। राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने सम इलाके से नवाब को दबोच लिया। जयपुर में नवाब से अभी पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार पुलवामा हमले और एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी जासूस नवाब खां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ को सीमा पर बीएसएफ व सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। नवाब खां ने इंटेलिजेंस एजेंसियों की पूछताछ में कई अहम खुलासे किए है। नवाब खां ने बताया कि आईएसआई को वह लगातार पश्चिमी सीमा से जुड़ी जानकारी देता था। प्रत्येक सूचना के बदले उसे पांच हजार रूपए मिलते थे।

कैसे जुटाता था जानकारी?

जैसलमेर जिले के सम क्षेत्र में गांगा बस्ती निवासी नवाब खां पुत्र मठार खां पिछले साल पाकिस्तान गया था और वहां आईएसआई के कैंप में एक माह तक ट्रेनिंग लेकर आया था। अपने रिश्तेदार सुमार खां के माध्यम से ही नवाब खां आईएसआई से जुड़ा और भारतीय सेना के बारे में खुफिया जानकारी मुहैया कराने लगा।

सम क्षेत्र के रेतीले धोरों में पर्यटकों को जीप की सफारी कराने के बहाने नवाब खां सैन्य क्षेत्रों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करता था। इंटेलिजेंस एजेंसियों की उस पर पिछले तीन माह से नजर थी और उसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार और मंगलवार को नवाब खां को जयपुर लाकर पूछताछ की गई तो कई अहम खुलासे हुए। इंटेलिजेंस एजेंसियों के अफसर फिलहाल नवाब खां से पूछताछ में जुटे है ।