राजधानी दिल्ली में रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की मिलिट्री मेडिसिन सम्मेलन में पाकिस्तान पहले दिन शामिल नहीं हुआ। हालांकि सेना के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि इस बैठक में तो शामिल नहीं हुए लेकिन पहले दिन डिनर करने जरूर पहुंच गए।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान को इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए काफी देर से निमंत्रण दिया था, इसलिए शायद इस सम्मेलन के पहले दिन पाकिस्तान की तरफ से किसी की मौजूदगी नहीं दिखी।

एससीओ मीटिंग में खाली पड़ी पाकिस्तान की बेंच – फोटो : ANI

दो दिवसीय इस सम्मेलन में 27 अंतरराष्ट्रीय और 40 भारतीय प्रतिनिधि शामिल हुए। ज्ञात हो, भारत साल 2017 में एससीओ का सदस्य बना। इसके बाद एससीओ रक्षा सहयोग योजना 2019-20 के तहत भारत की मेजबानी में यह पहला सैन्य सहयोग कार्यक्रम संपन्न हुआ है।

क्या है शंघाई सहयोग संगठन 

अप्रैल 1996 में शंघाई में एक बैठक हुई जिसमें चीन, रूस, कज़ाकस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हुए। इस दौरान वह आपस में एक-दूसरे के नस्लीय और धार्मिक तनावों से निपटने के लिए सहयोग करने पर राजी हुए थे। तब इसे शंघाई-फाइव के नाम से जाना जाता था।

हालांकि असल रूप में एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 में हुई थी। इसकी स्थापना तब चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों कजाकिस्तान, किरगिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं ने मिलकर की थी। नस्लीय और धार्मिक चरमपंथ से निपटने और व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए समझौता हुआ था।