कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे पाकिस्तान (Pakistan) ने अब नेपाल से कथित तौर पर लापता हुए अपने एक रिटायर्ड आर्मी अफसर की गुमशुदगी के लिए नई दिल्ली पर आरोप लगाने की कोशिश की है। पाकिस्तान ने करीब ढाई साल पहले के कथित मामले को बुधवार को अचानक उठाते हुए कहा है कि इसके पीछे ‘शत्रु एजेंसियों’ के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

पाकिस्‍तान विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा है की उसके एक रिटायर्ड सैन्‍य अफसर कर्नल हबीब जहीर वर्ष 2017 से लापता हैं। पाकिस्‍तान ने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा है कि इसमें पड़ोस मुल्‍क हाथ हो सकता है। ऐसे भी अटकलें हैं कि ‍भारत उन्‍हें कमांडर जाधव के बदले में छोड़ेगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स/ट्वीट्स में दावा किया गया था कि लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब भारत की कस्टडी में हैं और ऐसी अटकलें हैं कि उन्हें कमांडर जाधव (कुलभूषण जाधव) के बदले में छोड़ा जाएगा।’

इंडिया मीडिया के इन रिपोर्ट्स/ट्वीट्स को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब जहीर एक रिटायर्ड पाकिस्तानी ऑफिसर हैं जो नेपाल में तब लापता हो गए जब वह अप्रैल 2017 में एक जॉब इंटरव्यू के लिए गए थे…पाकिस्तान मानता है कि इसमें शत्रु एजेंसियों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता।’ बयान में यह भी कहा गया है कि लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब के घर आने तक पाकिस्तान सरकार चैन से नहीं बैठेगी।

पाकिस्तान का दावा है कि हबीब के परिवार का कहना है कि उन्होंने लिंक्डइन और यूएन की एक वेबसाइट पर जॉब के लिए अपनी सीवी पोस्ट की थी। बयान में कहा गया है, ‘जवाब में उन्हें किसी मिस्टर मार्क की तरफ से कॉल और ई-मेल मिला था, जिसमें कहा गया था कि उन्हें वाइस प्रेजिडेंट के जॉब के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। उन्हें काठमांडू आने के लिए कहा गया था और इसके लिए उन्हें 6 अप्रैल 2017 को होने वाले इंटरव्यू के लिए ओमान एयरलाइंस की लाहौर से काठमांडू वाया ओमान का एक एयर टिकट भेजा गया था।’

बयान में कहा गया है कि काठमांडू में उतरने के बाद हबीब बुद्धा एयर के जरिए लुंबिनी एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। 6 अप्रैल 2017 को दोपहर 1 बजे उन्होंने अपनी पत्नी को अपने मोबाइल से मेसेज भेजा कि वह लुंबिनी में सुरक्षित उतर चुके हैं जो भारतीय सीमा से 5 किलोमीटर दूर है। बयान में आरोप लगाया है कि इस मेसेज के बाद उनके परिवार का उनसे फिर संपर्क नहीं हो पाया है।

पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि जांच में पता चला कि मार्क का ब्रिटेन का मोबाइल नंबर फर्जी था। बयान में कहा गया है, ‘जिस वेबसाइट से उन्होंने (हबीब) संपर्क किया था, वह भारत से ऑपरेट की जा रही थी और बाद में उसे बंद कर दिया गया।’

रिटायर्ड सैन्‍य अफसर कर्नल हबीब जहीर

पाकिस्तान ने आगे कहा कि उसने भारत सरकार से हबीब का पता लगाने के लिए लगातार अनुरोध किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘हालांकि, भारत की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। उनका (हबीब) परिवार बहुत परेशान है और उन्होंने जबरन गायब किए गए लोगों का पता लगाने में मदद करने वाले यूएन वर्किंग ग्रुप से भी संपर्क किया है। उनके लापता होने के बारे में पाकिस्तान से बाहर के मीडिया में भी रिपोर्ट्स आईं।’

हालांकि, अभी तक भारत ने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कथ‍ित घटना के करीब ढाई वर्ष बाद पाकिस्‍तान द्वारा अचानक इस मुद्दे को उठाया जाना उसकी पैतरेबाजी और साजिश का हिस्‍सा है। उसने अपने बयान में आतंकवाद और जासूसी के आराेप में मौत की सजा का सामना कर रहे इंडियन नेवी के पूर्व अफसर जाधव के आरोप में मौत की सजा का सामना कर रहे इंडियन नेवी के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव के बदले में रिहा किए जाने संबंधी मीडिया रिपोटर्स की ओर इशारा किया है।