प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 से 26 अगस्त तक फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन की यात्रा पर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा इस मायने में भी खास है क्योंकि इस दौरान वह यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘आर्डर आफ जायद’ ग्रहण करेंगे।

दरअसल, इस साल अप्रैल में यूएई के राष्‍ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नहयान ने पीएम मोदी को ‘ज़ायद मैडल’ से सम्‍मानित करने की घोषणा की थी। यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन जाएद ने ट्वीट कर इस पुरस्‍कार की जानकारी दी थी।

‘ज़ायद मैडल’ यूएई का सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान है जिसके किसी देश के राजा, राष्‍ट्रपति या फिर राष्‍ट्रप्रमुख को दिया जाता है। प्रधानमंत्री को यह सम्‍मान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और संयुक्त रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए मिला है।

बहरीन यात्रा के दौरान पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। पश्चिमी एशिया में करीब साढ़े तीन लाख भारतीय रहते हैं। बहरीन ने 2015 में ‘बहरीन में लिटिल इंडिया’ प्रोजेक्ट लॉन्च किया था जिसके जरिये भारतीय समुदाय के योगदान को स्वीकारा गया था।

यह यात्रा पीएम मोदी की फ्रास यात्रा का हिस्सा होगी जहां पर जी7 की बैठक हो रही है। पीएम मोदी को विशेष अतिथि के दौर पर आमंत्रित किया गया है। जी7 समूह के देशों का 45वां सम्मेलन फ्रांस के बियारित्ज में 24 से 26 अगस्त तक आयोजित होगा।

विदेश मंत्रालय के सचिव टी एस तिरूमूर्ति ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 22 अगस्त की शाम फ्रांस पहुंचेंगे। शाम को ही उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो के साथ बैठक होगी। दोनों नेताओं के बीच पहले आपसी बैठक होगी और फिर शिष्टमंडल स्तर की बैठक होगी।

अधिकारियों ने बताया कि भारत और फ्रांस के बीच चर्चा में रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण आयाम होंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा, नौवहन क्षेत्र, अंतरिक्ष सहयोग, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी । फ्रांस के साथ जैतापुर परमाणु संयंत्र परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान इन सभी देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और परस्पर हित के वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे। पीएम मोदी की यह यात्राएं पाकिस्तान द्वारा दुनिया भर में किये जा रहे दुष्प्रचार के खिलाफ कूटनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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