ईद के दिन दिल्ली के खुरेजी इलाके में मुस्लिमो ने जमकर बवाल काटा, और यात्री बसों पर पथराव किया। इस दौरान 5 बसों समेत कुछ निजी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और दर्जन भर लोग घायल हो गए। दरअसल यह सारा हंगामा तब शुरू हुआ जब नमाज के चलते जाम खुलने पर एक तेज रफ्तार होंडा सिटी कार वहाँ से गुजरी। दरअसल कार का तेज रफ्तार से गुजरना कुछ मुस्लिम युवकों को नागवार गुजरा और उन्होंने उस कार पर पत्थर फेंके जिसकी वजह से चालक ने हड़बड़ा कर वहां खड़ी कुछ गाड़ियों को टक्कर मार दी।

जिसके बाद नमाजियों ने सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस से आरोपी को सामने लाने के लिए बवाल करने लगे। इसी बीच किसी ने झूठी अफवाह उड़ा दी कि कार की टक्कर से 17 नमाजी घायल हो गए है जिसके बाद बवाल बढ़ गया। गुस्से में लोगो ने डीटीसी की बसों समेत आने जाने वाले वाहनों के शीशे भी फोड़ने लगे, करीब 50 लोग पुलिस स्टेशन जगतपुरी में शिकायत देकर आए जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

इस बवाल को भड़काने में कई मीडिया समूह आगे रहे जिन्होंने बिना जांच पड़ताल के झूठी खबरे चलानी शुरू कर दी। सबसे पहले न्यूज़ एजेंसी IANS ने यह ख़बर चलाई जिसमे शहादरा की DCP मेघा यादव के हवाले से यह दावा किया गया कि तेज रफ्तार कार की टक्कर से 17 नमाजी घायल हो गए है। इस रिपोर्ट को तुरंत ही कई मीडिया समूहों जैसे The QuintIndia TodayIndia TV और Business Standard द्वारा हाथों-हाथ लिया गया।

जबकि, DCP मेघा यादव ने ऐसे किसी भी दावे से इनकार किया है। मेघा यादव से इस सम्बन्ध में साफ कहा कि उन्होंने किसी भी न्यूज़ एजेंसी को ऐसी कोई भी सूचना देने से इनकार किया। उन्होंने इसे पूरी तरह से झूठ करारा दिया।

मेघा यादव ने ऑनलाइन पोर्टल Opindia को बताया कि, “जो मीडिया समूह या मीडिया पोर्टल मेरे नाम से यह स्टेटमेंट जारी कर रहे हैं कि 17 लोग घायल हुए हैं, वह गलत है। वहाँ कोई भी घायल नहीं है। उन्होंने आगे जोड़ा कि तीन लोग बाद में पुलिस स्टेशन आए थे कि वह घायल हैं लेकिन उन्हें देखकर यह साफ था कि कोई भी घायल नहीं था।”

यादव ने आगे कहा जहाँ पर यह घटना घटी अक्सर वहाँ पर भीड़ रहती है लेकिन जिस समय कार वहाँ से गुज़री, उस समय वहाँ कोई नमाज़ अदा नहीं हो रही थी। बल्कि नमाज़ बहुत पहले ही ख़त्म हो चुकी थी और लोग वहाँ से है चुके थे।

कमाल की बात यह है कि जहाँ ज़्यादातर इंग्लिश मीडिया ने 17 नमाजियों के घायल होने की झूठी ख़बर छापी और चलाई वहीं कुछ हिंदी मीडिया ने ऐसा लिखा कि वहाँ कोई घायल नहीं हुआ है और इस खबर की सच्चाई बताने की कोशिश की। उदाहरण के लिए Amar Ujala की एक रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा गया था कि कोई भी घायल नहीं हुआ है।

यहाँ तक कि संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार का कहना है कि एक भी घायल अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस टीम लगातार इलाके में लाउड स्पीकर के जरिये घायलों को सामने आने के लिए एनाउंसमेंट करती रही, लेकिन कोई घायल सामने नहीं आया। घायलों को लेकर फैलाई गई अफवाह को पुलिस ने अस्पताल से क्रॉस चैक भी किया और इसे नकार दिया।

कार का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है जिसमे सफेद रंग की हौंडा सिटी कार तेज रफ़्तार में घुसी और बेहद तेज ड्राइविंग करते हुए कुछ गाड़ियों को टक्कर मारते हुए गई, इस बीच एक दो लोग गिरे भी, इसके बाद लोगो ने इस गाड़ी के पीछे भागना शुरू कर दिया लेकिन चालक गाड़ी लेकर वहा से फरार हो गया।

हालांकि इलाके में कुछ घंटे तनाव रहा जिस वजह से वहाँ पुलिस बल तैनात किया गया इसके बाद पुलिस ने लोगो को समझाकर इलाके में शान्ति करवाई, फ़िलहाल इलाके में शांति है ये गाड़ी इतनी तेज रफ़्तार और गलत तरीके से नामजियो के इलाके में घुसी जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।

झूठी अफवाह पर मुस्लिमो द्वारा की गई इस तोड़फोड़ और बवाल पर सोशल मीडिया में भी कड़ी निंदा हुई।दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिन्दर पाल सिंह बग्गा ने लिखा।

जबकि अकाली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपना रोष प्रकट करते हुए लिखा।

एक यूजर ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, यह पाकिस्तान और कश्मीर नही दिल्ली है।

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