उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के भोजपुर में दलितों ने पुलिस से शिकायत की है कि मुसलमानों के सलमानी समुदाय, जिन्हें पहले ‘हज्जाम’ के तौर पर जाना जाता था, ने दलितों के बाल काटने और उनकी दाढ़ी बनाने से मना कर दिया है। अब इस मामले में पीपलसाना गांव में 3 मुस्लिम हज्जामों के खिलाफ रविवार (14 जुलाई) को एससी-एसटी एक्ट के तहत नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई दलित महेश चंद्र की रिपोर्ट पर की है।

दरअसल मामला यह है कि मुरादाबाद जिले के पीपलसाना गांव में मुस्लिम हज्जाम दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों की दाढ़ी बनाने व बाल काटने से इनकार करते हैं। दलित समुदाय के लोग इससे काफी परेशान हैं।

पुलिस के समझाने के बाद भी नहीं माने हज्जाम
इस मामले के शिकायतकर्ता 45 वर्षीय महेश के मुताबिक, जब उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी तो गांव में एक बैठक आयोजित की गई। इस मीटिंग में हज्जामों ने पुलिस के सामने दलितों की दाढ़ी बनाने व बाल काटने के लिए सहमति तो जता दी लेकिन उन्होंने दलितों की शिकायत के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं।

जिसके बाद महेश चंद्र की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 504, 39(1)जेडएडी, 3(1) जेडसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत तीन लोगों-रियाज, इशहाक और जाहिद को नामजद किया है। मामले की जांच डीएसपी विशाल यादव कर रहे हैं। विशाल यादव ने कहा, ‘जांच में पता चला है कि दोनों समुदाय के बीच कुछ दिन पहले कुछ घटनाएं हुई थीं जिसके बाद नाई समुदाय ने दूसरे समुदाय के लोगों के बाल काटने बंद कर दिए, अगर किसी प्रकार का भेदभाव किया गया है तो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’

इस मामले पर गांव के दलित राकेश कुमार ने कहा, “छुआछूत को बढ़ावा देने वाली ऐसी बातें दशकों से होती आ रही हैं लेकिन अब हमने इसके खिलाफ आवाज उठाने का फैसला कर लिया है।”  राकेश ने आगे कहा कि उसके पिता और पूर्वजों को बाल कटवाने के लिए भोजपुर या शहर जाना पड़ता था, “क्योंकि सलमानी समुदाय हमें छूने से परहेज करता है, लेकिन अब समय बदल चुका है और हम इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे।”