जम्मू कश्मीर पुलिस, आर्मी, और जिला जज की जांच के बाद मेजर गोगोई को क्लीन चिट दी गई, और लड़की भी बालिग़ निकली, और वह मेजर से अपनी मर्जी से मिलने गयी थी जिसे उसने मजिस्ट्रेट के सामने अपने लिपिबद्ध बयान में दर्ज करवाया। यह सब कुछ मीडिया में बैठे कुछ विशेष डिजाइनर पत्रकारों द्वारा की गई साजिश थी, जिसका पर्दाफाश हमने उसी दिन कर दिया था जिस दिन यह खबर वायरल हुई थी। जिसे आप यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

गौरतलब है की कुछ दिनों पहले मीडिया मुगलों ने जिसमे आउटलुक, NDTV इत्यादि शामिल है, उन्होंने भारतीय सेना के मेजर गोगोई के खिलाफ एक झूठी खबर चलाई थी।

खबर यह थी की मेजर गोगोई 16 साल की लड़की के साथ होटल में अश्लील हरकत करते पकडे गए, यह सारी साजिश सिर्फ इसलिए की गई थी कि मेजर गोगोई बदनाम हो सके, और फिर कैसे भी करके नाबालिग लड़की से अश्लील हरकत के आरोप उन पर लगे और वो गिरफ्तार कर लिए जाये।

इस खबर के बाद ही आर्मी, स्थानीय जज और पुलिस ने मेजर गोगोई के खिलाफ जांच शुरू कर दी थी, और अब मेजर गोगोई को आर्मी, पुलिस और जज – इन सभी जांचो में क्लीन चिट दे दी गयी है।

जांच में पाया गया की लड़की 19 साल की है, 16 साल की नहीं उसका जन्म 1999 में हुआ था, वो मेजर गोगोई की फेसबुक मित्र है, और वो होटल के किसी गुप्त जगह पर नहीं बल्कि CCTV वाली जगह पर मिलने आई थी।

मेजर गोगोई उसके साथ कोई अश्लील हरकत नहीं कर रहे थे, और ये सब CCTV के कैमरे से साफ़ हो गयी, सभी जांचों में मेजर गोगोई को क्लीन चिट दिया गया, लड़की भी बालिग है जो मेजर से अपनी मर्जी से मिलने आई थी। दरअसल एक कश्मीरी पत्थरबाज को गाड़ी पर आगे बांधकर सबकी जान बचाने वाले मेजर गोगोई शुरू से ही अलगाववादी समर्थकों के आंखों में खटक रहे थे।

पत्थरबाजो के प्रति सहानभूति रखने वाले मीडिया ने पूरा प्रयास किया था कि मेजर गोगोई पर सेना कोई कार्यवाही करे, पर उल्टा सेना ने मेजर के इस सूझबूझ और हौसले के लिए सम्मानित कर दिया। जिसकी वजह से खुद को भगवान से भी दो हाथ ऊंचा समझने वाले मीडिया मुगल मेजर से चिढ़े बैठे हैं और उनको अपमानित करने का कोई मौका हाथ से जाने नही देना चाहते। जबकि पत्रकारिता जगत के यही चेहरे गुजरात के हार्दिक पटेल की सेक्स सीडी वायरल होने पर उसे सहमति से किया गया सेक्स बताकर बचाव कर रहे थे, ऐसा इन लोगो का डबल स्टैंडर्ड हैं।

अब प्रश्न यह उठता है कि क्या सरकार इन मीडिया मुगलों पर झुठी खबर चलाने और सिर्फ मेजर गगोई ही नही बल्कि सेना की छवि धूमिल करने के मामले में कोई ठोस कार्यवाही करेगी? या फिर से सरकार इन मीडिया मुगलों के सामने घबरा कर मौन धारण करेगी।