जम्मू कश्मीर में पटरी पर लौटी जिंदगी, फेक न्यूज से दूर अब सामान्य हो रहे है हालात

- Advertisement -

केंद्र सरकार की तरफ से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधान हटाने के बाद घाटी में हर गुजरते दिन के साथ हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। लगभग पूरी घाटी से पाबंदी हटा ली गई है। संचार सेवाएं बहाल हो गई हैं। पाकिस्तान और कश्मीर के अलगाववादियों द्वारा फैलाए जा रहे फेक न्यूज से परे राज्य में जनजीवन तेजी से पटरी पर आ रहा है। लोग अपने-अपने काम से जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से बुधवार को (11 सितंबर) को राज्य में आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की स्थिति बताती हुई रिपोर्ट जारी की गई है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह बताते हैं कि घाटी में 90 फीसदी क्षेत्र पाबंदी से मुक्त हो गए हैं और सौ फीसदी टेलीफोन सेवाएं बखूबी काम कर रही हैं। कुपवाड़ा क्षेत्र में पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल हो गई है, स्कूल और दफ्तर खुल रहे हैं, शिक्षकों की उपस्थित करीब 75 फीसदी है।

- Advertisement -

रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में सभी स्वास्थ्य संस्थान पूरी तरह चालू स्थिति में हैं। रिपोर्ट में स्वास्थ्य संस्थानों के जो विवरण दिए गए हैं, उसके अनुसार राज्य में कुल ओपीडी 510870, कुल भर्ती 44372 और कुल सर्जरी 15157 हुई हैं।

रिपोर्ट में बैंकों और एटीएम की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर में सभी बैंक और एटीएम एक्टिव हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में भोजन और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के बारे में भी बताया गया है। यानी कि रिपोर्ट के अनुसार, कश्मीर में जिंदगी बेरोक-टोक चल रही है।

घाटी का कोई युवा आतंकी नहीं बना

डीजीपी दिलबाग सिंह ने इस दौरान यह भी बताया कि हाल-फिलहाल में घाटी का कोई युवा आतंकी नहीं बना। पहले कुछ युवाओं को दिशाहीन किया गया। उनके गुस्से का गलत फायदा उठाया गया। कुछ ने इसका खामियाजा भी भुगता तो कुछ को हमने वापस लाने में सफलता भी हासिल की। हमारी कोशिश है कि किसी को परेशानी न हो। हमारा काम प्रक्रिया को आसान बनाना है।

पढ़े द वायर के झूठ कश्मीर में नही छप रहे अखबार; को दूरदर्शन पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने किया बेनकाब

दरअसल कश्मीर में अब पाकिस्तान और उसकी उंगलियों पर नाचने वाली विचारधारा धीरे-धीरे दम तोड़ रही है। कश्मीरी युवा पत्थरबाज की छवि से आजाद होकर राेजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद कोई बड़ा हिंसक प्रदर्शन न होना इस बात का सबूत है। वहां का युवा अब शांति और राेजगार चाहता है।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के 575 युवा भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं। सेना भर्ती की ऐसी तस्वीरें अब वहां से आने लगी हैं, जो बताती हैं कि कश्मीरी युवा मुख्यधारा में शामिल होने को आतुर हैं।

मुस्लिमों ने तिरंगे के साथ शान से निकाली घोड़ों की रैली

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में अनुच्छेद-370 हटने के बाद नया जोश और नई उमंग देखने को मिल रही है। हाल ही में भद्रवाह के पडरी गली में ऐसा ही जोश तब देखने को मिला, जब गुज्जर-बक्करवाल समुदाय के लोगों ने परंपरागत घोड़ों की रेस आयोजित की। करीब साढ़े 12 हजार फीट की ऊंचाई पर घोड़ों की ये रेस देखते ही बनती थी। इस दौरान गुज्जर-बक्करवाल मुस्लिम आयोजकों ने शान से तिरंगे लहराकर साफ संदेश दिया कि अब हम वास्तव में आजाद हैं।

बता दें कि अनुच्छेद-370 के चलते राज्य की आदिवासी जातियों में आने वाले गुज्जर-बक्करवाल समुदाय को एसटी का दर्जा तक हासिल नहीं था। इसके चलते विकास और राजनीति की दौड़ में ये समुदाय हमेशा हाशिए पर रहा। अब अनुच्छेद-370 हटने के बाद इस समुदाय को नौकरियों और राजनीति में आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।

कश्मीर के सेब किसान-व्यापारी के लिए अच्छी खबर

कश्मीर के सेब किसानों-व्यापारियों के लिए केंद्र सरकार बंपर स्कीम ला रही है। अब सरकार सीधे किसानों से सेब खरीदेगी और भुगतान सीधे उनके खाते में जाएगा। इससे कश्मीर में सेब की खेती करने वाले किसानों-व्यापारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। योजना के तहत 12 लाख मीट्रिक टन सेब सीधे किसानों से खरीदे जाएंगे और उन्हें आगे बाहर के बाजार में सरकार खुद सप्लाई करेगी। इसकी राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी। सरकार की योजना के मुताबिक, मार्केट इंटरवेंशन प्राइस स्कीम के तहत 15 दिसंबर तक सेब की खरीद पूरी कर ली जाएगी।

दरअसल घाटी में लागू आंशिक पाबंदियों और आतंकियों की धमकियों के बाद सेब किसानों व व्यापारियों को इस सीजन में सेब को राज्य से बाहर पहुंचाने में परेशानी हो रही थी। लेकिन अब केंद्र की इस योजना से ये परेशानी दूर हो जाएगी। कश्मीर घाटी के सेब न सिर्फ राज्य के बाहर जा सकेंगे बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक भी आसानी से पहुंचेंगे। इससे किसानों को सीधा लाभ होगा, उनकी खपत बढ़ेगी और सेब की सप्लाई भी होगी।

पढे खुशखबरी: कश्मीर के सेब उत्पादकों के लिए मोदी सरकार की 8 हजार करोड़ की Apple स्कीम

एक अनुमान के मुताबिक, योजना से घाटी के किसानों की आय में करीब 2000 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 8 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

केंद्र सरकार का अनुच्छेद-370 हटाने का ऐतिहासिक फैसला और उसके बाद ऐसी योजनाएं लाना कश्मीर घाटी के लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके सुनहरे भविष्य की पटकथा लिखे जाने की कवायद है।

- Advertisement -
error: Content is protected !!