जब आपको सत्ता का अहंकार हो जाता है फिर आप सत्ता में हो या ना हो आपका अहंकार कम नहीं होता है। इसकी बानगी हमने जुलाई 2018 में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान देखी जब राहुल गांधी (जो सिर्फ एक सांसद हैं) ने प्रधानमंत्री से एक बार नहीं 3 बार कहा उठो-उठो। भले ही राहुल गांधी इस समय सत्ता में ना हो पर ये उनका अहंकार ही था जो प्रधानमंत्री को भी उठने के लिए बोल देता है। यही हाल बिहार के लालू यादव के परिवार का है। साल 2005 के बाद से बिहार पर करीब दो दशक तक राज करने वाला यादव परिवार सत्ता से दूर है। हालांकि कुछ दिन के लिए तेजस्वी यादव ने नितीश कुमार के साथ सत्ता साझा किया पर उन्हें सत्ता की कमान नहीं मिली थी। इतने सालों से सत्ता से दूर रहने के बाद भी इस परिवार के लोगों पर से पुराने दिनों का भूत नहीं उतरा है, शायद इसीलिए जहाँ कुछ दिनों पहले लालू के बेटे तेजप्रताप ने प्रधानमन्त्री मोदी की खाल खींच लेने की बात की थी वहीं अब लालू की बेटी मीसा भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के हाथ काट लेने की बात कर रही हैं।

दरअसल पूरा मामला क्या है? बताते हैं

राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा की, “जब रामकृपाल भाजपा में शामिल हो रहे थे, तब मेरा मन उनका हाथ गंडासे से काटने का हुआ था।” ज्ञात हो की मीसा भारती को 2014 के लोकसभा चुनाव मे रामकृपाल यादव (कभी मीसा के चाचा कहलाने वाले) ने भाजपा के टिकट पर पाटलिपुत्र लोकसभा सीट पर मीसा भारती को बुरी तरह से हराया था। हालांकि मीसा के ये बोल थोड़ी देर से निकले हैं पर इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की लोकतंत्र में इनकी दिली इच्छा चुनावी द्वन्द के बजाय रक्तरंजित द्वन्द की भी रहती है और ऐसा हो भी क्यों ना! आखिर मीसा उसी परिवार से आती हैं जिन्होंने बिहार पर अपने 20 साल के शासन के दौरान जातीय हिंसा की ऐसी इबारत लिखी जिससे वो आज भी उबर नहीं पाया है।

अब हमारे देश के इकोसिस्टम ने इस बयान को ऐसे दबाया जैसे उन्होंने कभी दिया ही ना हो या दिया भी हो तो सिर्फ भूलवश दिया हो। यहाँ तक की इस बयान के लिए उन्होंने कोई माफी भी नहीं मांगी अब तक। जबकि ये बयान भूलवश कतई नहीं दिया गया क्योंकि इससे पहले भी मीसा के ही भाई तेजप्रताप यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में दिया था। उन्होंने कहा था की वे ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खाल खिंचवा लेंगे।