15 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार है, जहां एक ओर पूरा देश जश्न-ए-आजादी में डूबा होगा वहीं इस पावन दिन पर बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनकी लंबी आयु की कामना करेंगी और अपने लिए रक्षा का वचन लेंगी। ऐसे ही एक पाकिस्तानी महिला कमर मोहसिन जहां है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी बांधने के लिए दिल्ली पहुंची हैं, और बीते 24 साल से पीएम नरेंद्र मोदी को राखी बांध रही है।

पाकिस्तान से है कमर मोहसिन जहां

कमर मोहसिन शेख का जन्‍म पाकिस्‍तान में हुआ है, वो शादी के बाद भारत आ गईं थीं। तभी से वह भारत में रह रही हैं। फिलहाल, वह अहमदाबाद में रहती है। उनके पति एक पेंटर है। मोहसिन की पहचान पीएम मोदी से तब हुई जब वो संघ के कार्यकर्ता थे। काम के सिलसिले में कमर मोहसिन शेख का उनसे मिलना जुलना होता रहता था।

कैसे बनी पीएम मोदी की बहन

एक बार रक्षाबंधन के दिन जब मोहसिन उनसे मिली और राखी बांधने की बात कही तो मोदी ने खुशी से अपना हाथ आगे कर दिया। तब से लेकर हर साल वो नरेंद्र मोदी को राखी बांधती आ रही हैं। मोहसिन को लगा कि शायद इस बार व्यस्त कार्यक्रम की वजह से वो उन्हें राखी नहीं बांध सकेंगी, लेकिन पीएम मोदी ने दो दिन पहले ही उन्हें फोन करके दिल्ली बुला लिया।

मुझे गर्व है की पीएम मोदी मेरे भाई है

कमर जहां ने बताया कि पीएम मोदी शुरू से ही लोगों के लिए काम करने में विश्वास रखते थे और उनकी मेहनत, ईमानदारी और लगन का नतीजा है कि वह आज भारत के प्रधानमंत्री हैं, इससे बड़ी कोई खुशी नहीं हो सकती कि एक प्रधानमंत्री मेरे भाई हैं, यह मेरे लिए गर्व की बात है।

मोहसिन से जब पूछा गया था कि वह पीएम मोदी से तोहफे में क्या चाहती हैं तो उन्होंने जवाब दिया था कि वह सिर्फ उनका आशीर्वाद चाहती हैं। उनका आशीर्वाद ही उनके लिए सबकुछ है। उन्होंने आगे बताया ‘वो ऊपर वाले से दुआ करती थी कि वह सीएम बने जब सीएम बने तो उसके बाद दुआ करती थी कि वह पीएम बने और अब जब वो पीएम बन गए हैं दुआ है कि उन्हें नोबेल पुरस्कार मिले, मेरे भाई सलामत रहें और तरक्की करें और मुझे कुछ नहीं चाहिए।’