दिल्ली के पूर्व जलमंत्री और आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा की एक कविता पर आज पूरा ट्विटर दो ग्रुप में बंट गया। दरअसल हुआ यह कि, कपिल मिश्रा ने एक वीर रस की कविता का वीडियो अपने ट्विटर एकाउंट से शेयर किया था, जिसमें पत्थरबाजों और इस्लामिक आतंकवादियों और तथाकथित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ कुछ कड़े शब्दों का प्रयोग किया गया है। वह कविता आप यहाँ नीचे सुन सकते हैं।

इस कविता पर सीपीएम नेत्री कविता कृष्णन जिन पर अकसर कश्मीरी पत्थरबाजों और इस्लामिक आतंकियों के लिए सॉफ्ट कार्नर रखने का आरोप लगता रहता है, भड़क उठीं और अपनी पूरी ब्रिगेड लेकर कपिल मिश्रा के पीछे पड़ गयीं। सीपीएम नेत्री कविता कृष्णन ने कपिल के ट्वीट को कोट करते हुए दिल्ली पुलिस से शिकायत करते हुए कहा, ‘कपिल उनके साथियों की भीड़ द्वारा हत्या करवाना चाहते हैं।’ लेकिन आगे उन्होंने कपिल को भला-बुरा कहते हुए कहा कि वो उनके ‘गुंडों’ से नहीं डरती हैं। उन्होंने मिश्रा पर देश के टुकड़े करने के भी आरोप लगाए।

इसके बाद कपिल ने कहा कि उन्होंने (कविता) ने खुद का पर्दाफाश कर दिया है। उन्हें डर लग रहा है, इसलिए कविता का नक्सली गैंग उन पर हमला बोल रहा है।

 

सबसे बड़ी हास्यापद बात तो यह रही कि, कल तक आतंकवादियों की कोई जाति नहीं थी, लेकिन आज आतंकवादी दलित हो गया। कविता ने कपिल के उस बयान को, जिसमे उन्होंने ‘आतंक की कोख’ पाकिस्तान को उजाड़ने की बात की थी, दलितों से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि कपिल का यह बयान दलित विरोधी है और ये व्यक्ति दलित विरोधी है। खैर, कविता ने कपिल की जाति देखकर उनके बयान को जाति का एंगल दे दिया।

इसके बाद पत्रकार बरखा दत्त ने गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय सहित राष्ट्रीय महिला आयोग को टैग करते हुए ट्वीट किया, “यह एक विद्रोही व्यक्ति है, जो एक महिला के खिलाफ़ हिंसा के लिए उकसा रहा है। इस पर कारवाई होनी चाहिए।”

थोड़ी देर बाद इस ट्विटर युद्ध में जेएनयू की छात्रा शेहला राशिद भी कूद पड़ीं। जिन पर अफवाह और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच डर फैलाने के लिए देहरादून में एफआईआर दर्ज की गई है। शेहला ने दिल्ली पुलिस से शिकायत करते हुए कहा कि यह आदमी आम लोगों को उनके घरों में प्रवेश कर उन पर हमला करने का आह्वान कर रहा है।

कपिल मिश्रा के खिलाफ वामपंथियों की एकजुटता देख कर, दक्षिणपंथी कपिल मिश्रा के समर्थन में ट्विटर पर आ गए। फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने कवि प्रदीप और मन्ना डे द्वारा गाए गये प्रसिद्ध देशभक्ति गीत ‘संभल कर रहना अपने घर में छुपे हुए गद्दारों से’ का लिंक ट्विटर पर शेयर करते हुए बरखा दत्त और शेहला राशिद से कहा कि वो सिर्फ दिल्ली पुलिस ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और चीन के पुलिस के साथ साथ ट्विटर सीईओ जैक से भी कपिल की शिकायत करें, ताकि उन पर कारवाई हो सके।

थोड़ी देर बाद एक और फिल्म निर्माता अशोक पंडित भी कपिल के समर्थन में आ गए। उन्होंने कहा कि ये लोग गद्दारों के खिलाफ कविता से भड़क गए, लेकिन पत्थरबाजों के खिलाफ इनका खून नहीं खौलता है, जैसे वो इनके रिश्तेदार हैं।

 

हालांकि, देखा जाए तो इस कविता में ऐसा कुछ नही है, जिसे पहले वीर रस के कवियों ने ना लिखा हो। आप you tube पर हरिओम पंवार को सुनिये उनके शब्द तो और ज्यादा कठोर रहते हैं। ऐसे भी कुछ कवि हैं, जो नेताओं के नाम लेकर उनके खिलाफ लिखते बोलते रहते हैं। वामपंथी अकसर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं, कम से कम उन्हें तो ऐसे मुद्दों पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।