आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा को आप नेता सौरभ भारद्वाज की शिकायत पर 1 जुलाई को नोटिस भेजा गया था, जिसमें उन पर दल-बदल कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। यह नोटिस दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल ने कपिल मिश्रा को जारी करके पूछा था कारण कि आखिर क्यों न उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए?

इस मसले पर विधानसभा में सुनवाई के बाद कपिल मिश्रा ने कहा, ‘मुझे भेजा गया नोटिस एक मजाक है। 41 पन्नों के नोटिस में मुझे सिर्फ 10 पन्ने ही भेजे गए। मैं जानना चाहता हूं कि मुझ पर क्या आरोप लगाए गए हैं, मेरे खिलाफ इल्जाम, तथ्य और गवाह कौन है, यह भी मुझे नहीं बताया गया।’

ट्विटर पर कपिल मिश्रा ने कहा, ‘विधानसभा स्पीकर ने फैसला किया है कि मेरे केस में मीडिया नहीं होगा, इस देश में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जब सुनवाई करते हैं तब भी मीडिया की एंट्री होती है। ऐसे में मेरे केस में मीडिया की एंट्री क्यों नहीं हो रही है?’

हालांकि कपिल मिश्रा ने इसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक मौके के तौर पर लिया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस नोटिस का 2 साल इंतजार किया है, इसमें खूब जिरह होगी। विधानसभा में जब भी मैं खड़ा होता था तो मुझे 21 बार विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया। केजरीवाल ने नोटिस देकर मेरा सपना पूरा किया है, क्योंकि दिल्ली के साथ किए हुए धोखे की हर पोल को मैं खोलूंगा।’

कपिल मिश्रा ने कहा, ‘केजरीवाल को फैसला जो सुनना है सुना ले, मगर मैं विधानसभा में केजरीवाल की पोल खोलूंगा। भारत की संसद में भी दलबदल कानून पर सुनवाई चल रही है और वहां मीडिया की एंट्री है, ऐसे में यहां मीडिया की एंट्री क्यों नहीं है।’

मुख्यमंत्री केजरीवाल पर तंज कसते हुए कपिल मिश्रा ने कहा, ‘रामलीला मैदान में विधानसभा लगाने की बात करने वाला अरविंद केजरीवाल कपिल मिश्रा के केस की सुनवाई बंद कमरे में करना चाहता है। आ जाओ अरविंद केजरीवाल खुल्लम-खुल्ला आंदोलन दिल्ली और विधानसभा के मुद्दों पर बहस करते हैं।’

अब इस मामले को लेकर ट्विटर पर भी जुबानी जंग छिड़ गयी है, सौरभ भारद्वाज की एक ट्वीट का जवाब देते हुए कपिल मिश्र ने लिखा की ‘डरपोक केजरीवाल से कहो मिडिया के सामने सुनवाई कर ले, मुंह छिपाने की जगह नही मिलेगी।

वही सौरभ की एक दूसरी बदजुबानी भरी ट्वीट का भी उन्ही की भाषा मे कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर जवाब देते हुए सौरभ को केजरीवाल का आखिरी प्यादा बताते हुए कहा कि तुम्हे अभी कानून की समझ नही है।

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