मुस्लिम तुष्टिकरण के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब पत्रकारों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। केजरीवाल ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दिल्ली से सटे राज्यों की सीमा पर टोल टैक्स खत्म करने की मांग की है।

दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कहा, “पूरे देश में पत्रकारों को टोल टैक्स से छुटकारा मिलना चाहिए।” उन्होंने पत्र में आगे लिखा, “हरियाणा के कुछ पत्रकारों ने मुझसे मुलाकात की और अनुरोध किया कि उन्हें हरियाणा में टोल टैक्स देने से छूट दी जानी चाहिए। मुझे लगता है कि पत्रकारों की यह मांग बहुत वास्तविक है और इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।”

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पत्रकारों को लालच देने की कोशिश कर रहे केजरीवाल खुद ही पत्रकारों के कटु जवाब का शिकार हो गए। आजतक के वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने ट्वीट करके केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “पहले जिनको नेताओं के VIP रवैए से कोफ़्त थी, वो अब पत्रकारों को कह रहे हैं तुम्हारी गाड़ी भी टोल की VIP लाइन से मुफ़्त निकलवाए देंगे!”

सीएनएन न्यूज 18 की पत्रकार मारया शकील ने लिखा, “पूरे देश में टोल टैक्स देकर मुझे खुशी होती है। आपके एहसान की जरूरत नहीं है।”

https://twitter.com/maryashakil/status/1092757622028156928?s=19

यशवंत राव देशमुख ने लिखा, “देखते ही देखते ही देश सच में बदल गया है। मैं इसके बजाय भुगतान और सार्वजनिक सेवा से छूट की पूरी सूची निकालना चाहूंगा। जिसमें विधायक, सांसद और मंत्री शामिल हैं।”

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कहीं ना कहीं अरविंद केजरीवाल को यह आभास हो गया है कि दिल्ली की जनता अब उनके कामों से संतुष्ट नहीं है और आगामी चुनाव में उन्हें मुंह की खानी पड़ सकती है। इसीलिए पहले उन्होंने दिल्ली की सभी मस्जिदों को हर महीने 44,000 रुपए और इमामों को 18,000 रुपए देने की घोषणा की और अब पत्रकारों को अपनी तरफ आकर्षित करना चाहते हैं, ताकि अपने पक्ष में खबर चलवा सकें। एक और वजह है- वो ये कि आजकल मीडिया ममता, माया, राहुल और अखिलेश को ज्यादा पूछ रही है और केजरीवाल अकेले पड़ जा रहे हैं। इसीलिए उन्होंने ये फंडा सोचा है। केजरीवाल जी, वो जमाना गया जब पत्रकारों को खरीदा जाता था। कांग्रेस के साथ रहने पर कुछ तो असर पड़ेगा ना! इतनी चिंता थी तो जनता के लिए पत्र लिख दिए होते कि टोल टैक्स में थोड़ी राहत दी जाए।