जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) में वर्ष 2016 में एक आयोजन के दौरान भारत विरोधी नारे लगाने और नफरत भड़काने के आरोप में घिरे कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने अभी तक नहीं दी है।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि दिल्ली सरकार ने कन्हैया कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी अभी तक नहीं दी। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि फिलहाल मंजूरी का इंतजार। वहीं, पुलिस ने कोर्ट से एक बार फिर कुछ मोहलत मांगी। इस पर मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष खुराना ने पुलिस को 18 सितंबर तक का समय दिया है।

आपको बता दे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस मामले में जनवरी 2019 से ही दिल्ली पुलिस मंजूरी मांग रही है, लेकिन वह लगातार बहानेबाजी कर रहे है। यहाँ तक की अरविंद केजरीवाल द्वारा नियुक्त सरकारी वकील भी इस केस में दिल्ली पुलिस का सहयोग नही कर रहे है।

यह अपने आप मे अनूठा मामला है, जबकि होता यह है कि सरकारी वकील अदालत में पुलिस द्वारा बनाई चार्जशीट पर मुकदमा लड़कर आरोपी को सजा दिलवाते है। वहीं, बता दें कि यह सरकारी वकील केजरीवाल सरकार द्वारा नियुक्त है और यह तभी तक अपने पद पर रहते है जब तक सरकार रहती हैं।

गौरतलब है कि देशद्रोह के मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य समेत सात कश्मीरी छात्रों मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, आकिब हुसैन, रईस, बशारत, उमर गुल, खालिद बशीर को भी नामजद किया गया है। इन छात्र नेताओं के खिलाफ इसी साल 14 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया गया था। यह नारेबाजी संसद हमले के आरोपी अफजल गुरू को फांसी देने के विरोध में की गई। इसे लेकर पूरे देश में काफी हंगामा हुआ था।