देश के दूसरे चंद्र अभियान ‘चंद्रयान-2’ के संपर्क टूटने के बाद देशवासियों से मिले अपार समर्थन पर इसरो ने मंगलवार (17 सितंबर) को जनता का धन्यवाद किया। इसरो ने ट्वीट करके कहा कि ‘हमें प्रेरित करने के लिए सभी भारतीयों का धन्यवाद।’

मालूम हो कि गत 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर पहुंचने से 2.1 किलोमीटर पहले ही लैंडर विक्रम का संपर्क इसरो से टूट गया, जिसके बाद देश के वैज्ञानिकों के प्रयासों को बहुत बड़ा झटका लगा था। लेकिन इसके बाद देशवासियों ने जिस तरह इसरो वैज्ञानिकों का समर्थन कर उनके कार्य की प्रशंसा की, वो अभूतपूर्व था। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो मुख्यालय पहुंचकर वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया और इसरो अध्यक्ष के. सिवन के भावुक होने पर उन्हें गले से भी लगाया।

इस अपार जनसमर्थन के बाद इसरो ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा, “हमारे साथ खड़े रहने के लिये आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे।” इसके अलावा इसरो और डीआरडीओ ने ‘मिशन गगनयान-2021’ के लिए मानव केंद्रीय प्रणालियां विकसित करने के लिहाज से एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि डीआरडीओ द्वारा इसरो को मुहैया कराई जाने वाली कुछ महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में अंतरिक्ष में भोजन संबंधी तकनीक, अंतरिक्ष जाने वाले दल की सेहत पर निगरानी, सर्वाइवल किट, विकिरण मापन और संरक्षण, पैराशूट आदि शामिल हैं। इसरो के चंद्र अभियान की प्रशंसा आस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका आदि विकसित देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ने भी की। आपको बता दें कि इसरो अभी भी लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसमे सिर्फ का 4 दिन का ही समय बचा है। क्योंकि 21 सितंबर के बाद चंद्रमा पर रात हो जाएगी और चंद्रमा की एक रात, पृथ्वी के 14 रात के बराबर होती है।