साल 2019 की शुरूआत में महराष्ट्र एटीएस ने तल्हा पौट्रिक सहित 10 आईएसआईएस से संबद्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। अब इनसे पूछताछ के दौरान एक से बढ़कर एक चौंकाने वाला खुलासे हो रहे है। एटीएस ने आतंकियों से पूछताछ के बाद एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि इन आतंकियों ने मुंबई के मुंबेश्वर मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के महाप्रसाद में ज़हर मिलाकर 40 हजार हिंदुओं को मारने की योजना बनाई थी। इससे पहले की वे ऐसा करके अपनी योजनानुसार सीरिया भागते, महाराष्ट्र एटीएस ने उन्हें दबोच लिया और साजिश का भंडाफोड़ कर दिया।

अब एटीएस की पूछताछ में इन आतंकियों ने एक और चौंकाने वाला कुबूलनामा किया है। उनके अनुसार वे सिर्फ महाप्रसाद में ही जहर नहीं मिलाना चाहते थे, बल्कि उनका प्‍लान मुंबई शहर की उन झीलों में भी ज़हर मिलाने का था, जिनसे मुंबई के घरों को पीने के पानी की सप्‍लाई होती है। इसके लिए इन आरोपियों ने कुछ झीलों की रेकी भी की थी। उन्होंने सेफ्टी के तौर पर सारा जहर का सामान एक जगह नहीं रखा था, बल्कि तीन अलग-अलग आरोपियों के यहां स्टोर किया गया था।

एटीएस की चार्जशीट के मुताबिक, तल्हा पौट्रिक के लिए बाजार से ज़हर खरीदना मुश्किल था, इसलिए उसे एक ऐसे शख्स की तलाश थी, जिसे केमिकल के बारे अच्छी जानकारी हो। उसकी तलाश पूरी हुई और उसने मुंब्रा के ही रहने वाले 32 वर्षीय अबु किताल उर्फ जम्मान नवाब खुटेउपाड़ को अपनी टीम का सबसे खास सदस्य चुना। पेशे से फार्मसिस्ट होने की वजह से अबु किताल के लिए लोकल बाजार से खतरनाक केमिकल हासिल करना बेहद आसान था। बता दें, जहर बनाने का काम सलमान के घर पर अबू कतील करता था।

योजना जानने के बाद अबु किताल के अंदर का भी आतंकी जाग गया और उसने इंसानियत की हदें पार करने वाली साजिश को अंजाम देते हुए जिंक फॉस्‍फाइड और ऑर्गनोफॉस्‍फोरस नाम के दो केमिकल का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि ये दोनों केमिकल का इस्तेमाल चूहों को मारने पेस्टिसाइड के लिए किया जाता है, लेकिन अगर इसकी मात्रा बढ़ा दी जाए, तो चंद मिनटों में इंसान की भी तड़प तड़प कर मृत्यु हो जाती है। इसके सेवन करने से शरीर के भीतर खून का प्रेशर इतना बढ़ जाता है कि वो नसें फाड़कर बाहर निकल आए। इस बात से ही आप इन आतंकियों के खूंखार प्लान का अंदाजा लगा सकते हैं।