मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में एक स्टूडेंट मृत पाई गयी। उसका शरीर फाँसी के फंदे पर लटका हुआ था। प्रथमदृष्ट्या सबको लगा कि उसने आत्महत्या की है। पर कुछ चीजें अलग थीं, जैसे उसने कोई सुसाइट नोट नहीं छोड़ा था और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोट के निशान थे।

अब लड़की के परिवार के बारे में जानिए। लड़की की माँ आबिदा तड़वी मुस्लिम है, पिता सलीम तड़वी मुस्लिम हैं और पतिदेव डॉ सलमान भी मुस्लिम है। पर मीडिया रिपोर्ट्स में लड़की हिन्दू थी और उसमें भी हिन्दू दलित थी। एक मुस्लिम माता-पिता की संतान हिन्दू कैसे हो गयी? यह बात कम से कम हमें समझ में नहीं आती, दूसरों की कह नहीं सकते।

एक बात और, लड़की दलित कही जा रही है। इसका मतलब यह है कि उसने कॉलेज में एससी कोटे से नामांकन पाया होगा। क्यों? कैसे? इसका उत्तर किसी के पास नहीं। भारत मे दलितों के लिए आरक्षित सुविधाओं का लाभ कैसे दूसरे लोग ले रहे हैं, इसका एक नमूना भर है यह कांड।

अब आगे का खेल देखिये। पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि गले पर किसी चीज की गहरी चोट है, जिससे लगता है कि हत्या करने के बाद उसे फाँसी पर लटका दिया गया है। वकील भी पीएम रिपोर्ट के आधार पर इसे हत्या का केस बता रहे हैं। पर मीडिया इसे आत्महत्या बता रही है। और कहानी यह गढ़ी गयी है कि उसकी कक्षा की तीन लड़कियों ने उसे जातिसूचक शब्दों से संबोधित किया, जिसके कारण लड़की ने आत्महत्या कर ली। अर्थात् मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक पूर्ण परिपक्व लड़की ने केवल तीन लड़कियों द्वारा जातिसूचक शब्दों से संबोधित किये जाने के कारण आत्महत्या कर ली।

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अब आप सोच कर देखिये, क्या यह कहानी सच लगती है? क्या आपको लगता है कि मेडिकल स्टूडेंट ने आत्महत्या की? नहीं न! लेकिन आगे का तमाशा देखिये। बीसियों संगठन खड़े हो गए, सारे वामपंथी छात्र संगठन आगे आ गये और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा कर उन तीन स्टूडेंट्स के विरोध में आंदोलन प्रारम्भ हो गया। इसे दलित उत्पीड़न बताया जाने लगा, ब्राह्मणों को गाली दिया जाने लगा, दलितों पर अत्याचार का रुदन प्रारम्भ हो गया।

और यह सब सिर्फ इसलिए हुआ, ताकि हत्या का आरोप स्वाभाविक रूप से उसके पति डॉ. सलमान पर न लगे। ठीक उसी तरह जिस तरह दिल्ली के निर्भया कांड में मुख्य आरोपी अफरोज़ को बचाने के लिए इन्हीं नौटंकीबाजों ने हजार तर्क गढ़ लिए थे। डॉ. सलमान को बचाने के लिए तीन लड़कियों की बलि चढ़ाने का प्लान बन चुका।

फल यह हुआ कि डॉ. पायल तड़वी को आत्महत्या के लिए उकसाने के नाम पर तीन डॉक्टर्स को अरेस्ट किया गया और उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया है। इन तीन लड़कियों भक्ति मेहरे, अंकिता खण्डेलवाल और हेमा आहूजा का दोष यह है कि वे सामान्य वर्ग से हैं।

पुलिस कस्टडी में जमीन पर बैठी इन तीन डॉक्टरों की तस्वीर देखिये और अंदाजा लगाइए कि इस देश की कानून व्यवस्था का कितना पतन हो चुका है। सोचिये कि इस देश मे न्याय की अवधारणा के साथ किस तरह बलात्कार किया जा रहा है। और यह भी सोचिये कि क्या हम ऐसा ही देश बनाना चाहते थे?

एक कथित ‘दलित’ पायल सलमान तड़वी द्वारा आत्महत्या जो कि पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में ‘हत्या’ करार दिया गया है, अभी जांच हुई भी नहीं। पर ये तीनों (भक्ति मेहरे, अंकिता खंडेलवाल और हेमा आहूजा) जेल में ठूंस दी गयी हैं, कारण वही SC/ST एक्ट लगाकर। इस मामले में हमें देवेन्द्र फडणवीस सरकार की जमकर फजीहत होते दिख रही। हो सके तो देवेंद्र फडणवीस जी स्वयं हस्तक्षेप करें। यह नीति, न्याय और नियम विरुद्ध है। पुलिस वाले अपनी मर्ज़ी कैसे चला सकते हैं? वो भी अभी तक बिना साक्ष्य के?

अभी तक जितने भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमे विवाहित महिलाओं ने आत्महत्या की हो, उन सब में प्रथमदृष्टया आरोपी पति को बनाया जाता है, भले ही बाद मामला कुछ और निकला हो। परंतु यहां तो प्रथमदृष्टया पति को ही क्लीनचिट दे दी गई है। जब पायल ने व्हाट्सएप चैट में अपनी मां से कहा है कि कॉलेज में उसकी जाति कोई नहीं जानता और उसके मां-बाप भी मुस्लिम हैं, तो ये क्यों ना समझा जाए कि पीड़िता को जानबूझकर दलित साबित किया जा रहा है और पति को बचाने की पूरी कोशिश हो रही है? चलिए मान लेते हैं कि पति की निर्दोष होगा, फिर भी उससे पूछताछ होनी चाहिए या नहीं?

हमारे देश में पिछले 5-6 सालों में एक ट्रेंड चल पड़ा है कि अगर कोई दलित या मुस्लिम आत्महत्या करता है या उसकी हत्या हो जाती है, तो तुरंत उसे जाति धर्म से जोड़ दिया जाता और एक विशेष समाज को गाली देने का चलन शुरू हो जाता है, आंदोलन शुरू हो जाता है। पीड़ित/पीड़िता की जाति धर्म देखकर एक झटके में फैसला कर दिया जाता है। अगर इस पर सवाल पूछा जाए या सरकार कोई एडवाइजरी जारी करे, तो ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ का रुदन शुरू हो जाता है, इस्लाम खतरे में हो जाता है।

 

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1 COMMENT

  1. Devendra Fadnavish is a christian .His real name is David Fadnavish.He converted to christain after his marriage with a christian women.He has ruined BJP in Maharashtra by his anti BJP Anti Hindu acts,In state election if BJP fight with him as CM then BJP will lost all seats it contest .HE must be removed now.
    How can a Muslim Girl born of Muslim father Mother and married a Muslim can be a Dalit.She has fraud and acquired a SC ST certificate fraudulently .She should be arrested and put in jail