अमेरिका ने भारत को नाटो सहयोगी का दर्जा देने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया है। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो अमेरिका अन्य नाटो देशों की तरह भारत से भी व्यवहार करेगा।

न्यूज वेबसाइट लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, संसद में यह विधेयक इस सप्ताह अमेरिकी फॉरेन अफेयर्स कमिटी के वरिष्ठ वरिष्ठ सदस्य जोए विल्सन ने पेश किया है। उनका कहना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और वहां स्थिरता का एक स्तंभ है। नया अमेरिकी कानून हिंद-प्रशांत रणनीति सहयोग मंच में अमेरिकी की सुरक्षा प्रतिबद्धता को बढ़ावा देगा।

उन्होंने आगे कहा कि भारत को नाटो सहयोगी का दर्जा मिलने से दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों में तेजी आएगी और कोई रूकावट नहीं होगी। बता दें कि वर्तमान समय में अमेरिका विश्व का आधुनिक और उन्नत हथियार बनाने वाला सबसे बड़ा देश है और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है।

प्रस्तावित कानून के मूल सह प्रस्तावकों में वरिष्ठ सांसद एमी बेरा, जॉर्ज होल्डिंग, ब्रैड शेरमैन, तुलसी गबार्ड और टेड योहो शामिल हैं। एचआर 2123 अमेरिका द्वारा पारित किए गए 2017 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) का निर्माण करता है, जिसने भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रमुख रक्षा साझेदार बताया है।

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