गुवाहाटी पुलिस अधिकारियों ने नियमित जांच के दौरान 31 अवैध बंगलदेशियो को रेलवे स्टेशन से पकड़ा और हिरासत में लिया। ये सभी गुवाहाटी से अगरतला जाने के लिए कंचनजंगा एक्सप्रेस का इंतज़ार कर रहे थे। जहां से वे बांग्लादेश में घुस जाते। रिपोर्ट के मुताबिक ये लोग बेंगलोर कर्नाटक से आ रहे थे और इनके पास भारतीय नागरिकता के कोई प्रमाण पत्र नहीं थे।

 

 

गुवाहाटी रेलवे पुलिस के अधीक्षक इफ्तेकार आलिया बताते है ये लोग भारतीय नागरिकता को ले कर कोई वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए और अंतः इन्होंने माना कि  ये बांग्लादेश के बगरहाट जिले के खुलना संभाग के निवासी हैं। हिरासत में लिए गए बांग्लादेशियों में 8 महिलाएं और 13 बच्चे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक हिरासत में लिए गए मोहम्मद सुलेमान के पास आधार कार्ड, पेन कार्ड और वोटर आई कार्ड बरामद हुआ। उसने यह भी कबूल किया कि उसने कई बार दिल्ली में वोट भी डाला है। मोहम्मद सुलेमान ने यह भी बताया कि वह दिल्ली के एक ब्रोकर फारूक के संपर्क में रहा है जो बंगलदेशियो को अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत आने में मदद करता है। रिपोर्ट के मुताबिक दलाल फारुख फरार है। सुलेमान ने बताया कि फारुख उसको नौकरी का वादा कर 3 साल पहले भारत लाया था। हिरासत में लिए गए एक दूसरे व्यक्ति मोहम्मद दुलाल  ने बताया कि भारत मे घुसना बहुत ही आसान है। पश्चिम बंगाल सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के जवानों को घूस देकर अंदर घुस सकते हैं।

हिरासत में लिए गए लोगो पर फॉरेन एक्ट की धारा 14 और पासपोर्ट एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज हो गया है।

इस घटना ने फिर एक बार NRC( नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन) की बहस को हवा दे दी है और इस बात की जरूरत की तरफ भी इशारा किया है कि आसाम के साथ साथ तमाम सीमावर्ती राज्यो में NRC कराने की आवश्यकता है।