बरेली विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी और उसके पति अजितेश का इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाहर बन्दूक की नोंक पर काली गाड़ी में अपहरण की फर्जी खबर फैलाकर हिंदुस्तान टाइम्स ने सनसनी फैला दी। इस खबर को सिर्फ हिंदुस्तान टाइम्स ने ही नही बल्कि कांग्रेस के मुख पत्र नेशनल हेराल्ड समेत कई न्यूज़ पोर्टल ने भी फैलाया।

हालांकि इसके थोड़ी देर बाद ही प्रयागराज पुलिस ने बताया कि अपहरण अजितेश और साक्षी का नही हुआ है, बल्कि एक दूसरे युगल का हुआ है। ट्विटर पर प्रयागराज पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि, “सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है कि प्रयागराज में साक्षी, अजितेश का अपहरण कर लिया गया है, जो निराधार है। साक्षी, अजितेश कोर्ट कैंपस के अंदर पुलिस अभिरक्षा में पूरी तरह सुरक्षित हैं। जिस प्रेमी युगल का अपहरण किया गया था वह भी इस समय फतेहपुर पुलिस की हिरासत में है।

इस फर्जी खबर के सहारे सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने भी अपना अलग तरह का प्रोपोगंडा फैलाना शुरू कर दिया। इस मामले को उन्होने तुरन्त यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जोड़ते हुए उन पर हमला बोल दिया।

हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा फैलाई फर्जी खबर

कांग्रेस के मुख्यपत्र नेशनल हेराल्ड द्वारा फैलाई फर्जी खबर

आपको बता दे, साक्षी ने अपनी और पति अजितेश की जान को पिता राजेश मिश्रा से खतरा बताते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। साक्षी ने सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए पुलिस को सिक्योरिटी देने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने इससे पहले साक्षी और अजितेश के शैक्षिक प्रमाणपत्र की जांच की। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने उनकी शादी को वैध करार देते हुए उन्हें पति-पत्नी के तौर पर रहने की इजाजत दे दी।