पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ईशनिंदा के झूठे आरोप में विद्यालय प्रधानाचार्य को पीटने और मंदिरों को तोड़ने के बाद अब उसी क्षेत्र में स्थित बीबी असीफा मेडिकल कॉलेज से एक हिंदू छात्रा की लाश बरामद हुई है।

नमृता मीरचंदानी नाम की लड़की घोटकी जिले के मीरपुर मथेलो की निवासी थी और जिले लारकना स्थित बीबी असीफा मेडिकल कॉलेज में बीडीएस अंतिम वर्ष की छात्रा थी। समोवार (16 सितंबर) सुबह नमृता की लाश उसके कमरे में बिस्तर पर मिली। उसकी सहपाठियों ने बताया कि सुबह जब वे उसको दरवाजा खोलने के लिए बोल रहे थे, तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद किसी तरह उन्होंने अंदर देखा, तो बिस्तर पर नमृता की लाश पड़ा हुई थी और गर्दन में रस्सी बंधी हुई थी। कॉलेज प्रशासन इस मामले को खुदकुशी बता रहा है।

पाकिस्तानी अखबार/चैनल की एडिटर-इन-चीफ व हिंदू अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली वीनगस ने ट्विटर पर बताया कि एक ऑडियो से यह पता चल रहा है कि नमृता ने खुदकुशी नहीं की है। उसने अपनी जान बचाने की पूरी कोशिश की है। उसका मोबाइल फोन भी गायब था। सूत्रों ने बताया कि अगर नमृता ने खुदकुशी की तो उसने रस्सी क्यों काटी?

नमृता के भाई डॉ. विशाल सुंदर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के निशान हैं। ऐसा लगता है कि एक व्यक्ति उसे जोर से पकड़ा हुआ था और दूसरे ने उसकी हत्या की। हम अल्पसंख्यक हैं। कृपया हमारे लिए आवाज उठाएं।”

आपको बता दें कि 15 सितंबर को घोटकी के एक पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पर ईशनिंदा का आरोप लगा था, जिसके बाद जिहादियों ने बुरी तरह उस प्रधानाचार्य को पीटने के बाद इलाके में स्थित तीन मंदिरों को तोड़ दिया था और 40 हिंदुओं के घरों में भी तोड़फोड़ की थी। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालात बद से बद्तर होती जा रही है, लेकिन उनके लिए आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 75 दिनों में पाकिस्तान में 31 हिंदू-सिख लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी कर दी गई है।