इस देश में अगर बात महिला सम्मान की हो, तो बहुत लोग इस पर लंबे चौड़े भाषण दे देंगे। लेकिन अगर महिला उनके कुकृत्यों का पर्दाफाश करे या उनके मनमाफिक अपनी बात ना रखे, तो कुछ विकृत मानसिकता वाले लोग उस पर भद्दी टिप्पणियां करने से भी बाज नहीं आएंगे। ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली बीजेपी की मीडिया पैनलिस्ट निग़हत अब्बास के साथ।

दरअसल, एक तथाकथित वेबसाइट तीसरी जंग न्यूज ने निगहत अब्बास पर एक बेहद ही बेहूदा और घटिया शब्दों का प्रयोग करते हुए एक टिप्पणी लिखी है। लेखक शमशेर अली खान ने निगहत के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है, जो उनकी घटिया सोच और उनकी परवरिश को दर्शाने के लिए काफी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि निगहत बीजेपी की नेता हैं और टीवी डिबेट में हिंदू-मुस्लिम वाले मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती हैं। वो उन इस्लामिक कट्टरपंथियों की आंखों में हमेशा चुभती रहती हैं, जो अपना एजेंडा चलाने के लिए आम मुसलमानों को बीजेपी-आरएसएस से डराते हैं और हिंदुओं के खिलाफ भड़काते हैं।

अगर हम इस वेबसाइट के इतिहास चेक करें, तो ऐसे कई लेख पाएंगे, जिसमे एक पार्टी, धर्म एवं जाति विशेष के खिलाफ टिप्पणियां की गई हैं। बहरहाल, ये सब तो अभिव्यक्ति की आजादी की श्रेणी में आ जाएगा। लेकिन आश्चर्य इस बात पर होता है कि कोई वेबसाइट किसी महिला के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियों को कैसे जगह दे सकती है? क्या यह वेबसाइट मालिक की जिम्मेदारी नहीं कि वो ऐसे लेखों/टिप्पणियों को अपनी वेबसाइट पर जगह ना दे? लगता तो यही है कि ये वेबसाइट बनी ही इसलिए है, क्योंकि विरोध के बावजूद अभी तक ये आर्टिकल साइट पर से डिलीट नहीं किया गया है।

निगहत अब्बास एक पढ़ी लिखी और आज के परिवेश के अनुरूप चलने वाली महिला हैं, जो अपनी इच्छानुसार जिंदगी जीती हैं। लेकिन ये कट्टरपंथी उनके पहनावे पर भी भद्दी भाषा का प्रयोग करते हैं। ये ऐसे लोग हैं, जो स्त्री स्वतंत्रता की बात तो बड़े जोर शोर से करते हैं, लेकिन उनके घर या मजहब की कोई महिला क्या पहने, क्या बोले, क्या ना बोले, किसका समर्थन करे, ये सब यही दो कौड़ी के विकृत मानसिकता वाले तय करना चाहते हैं।

ये ऐसे लोग हैं, जो हमेशा गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू मुस्लिम भाईचारे की बात करते हैं, लेकिन अगर कोई सच्चा धर्मनिरपेक्ष मुसलमान अपने माथे पर तिलक लगाए, संस्कृत का श्लोक पढ़ दे या मंदिर चला जाए, तो इनका मजहब और धर्मनिरपेक्षता तुरंत खतरे में आ जाती है। शमशेर खान जैसे कट्टरपंथियों ने कुछ दिनों पहले एबीपी न्यूज की एंकर रूबिका लियाकत पर भी हमला बोला था। उनकी रक्षाबंधन की फोटो को सोशल साइट्स पर शेयर करते हुए बेहूदगी भरे पोस्ट किए जा रहे थे और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।