प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर आरोप लगाए कि उन्होंने अपने परिवार, मित्र और विदेशी रिश्तेदारों के साथ छुट्टियां मनाने के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विराट का उपयोग किया था। रैली खत्म होने के बाद उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से इंडिया टुडे का वो आर्टिकल भी शेयर किया, जिसमे इसका जिक्र था।

इसके बाद से ही पूरे देश में राजीव गांधी और नरेंद्र मोदी पर घमासान छिड़ गया है। एक तरफ कांग्रेस और उसके समर्थित बुध्दिजीवियों का गैंग राजीव गांधी को बचाने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपना रहा है, तो दूसरी तरफ पीएम मोदी के समर्थन में एयरक्राफ्ट पर मौजूद तत्कालीन अधिकारी भी सामने आ गये हैं। हालांकि, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल रामदास ने प्रेस रिलीज जारी कर पीएम मोदी के इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि युध्दपोत राजीव गांधी की सुरक्षा में तैनात था। इसके अलावा लक्षद्वीप के तत्कालीन प्रशासनिक मुखिया वज़ाहत हबिबुल्लाह ने भी राजीव गांधी के पक्ष में बयान दिए हैं।

कांग्रेस पार्टी पूर्व नौसेना प्रमुख और प्रशासनिक प्रमुख की बातों को आधार बनाकर प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा बता रही है और ‘सत्यमेव जयते’ का नारा लगा रही है। लेकिन दूसरी तरफ नौसेना के वो तमाम अधिकारी खुलकर पीएम मोदी के समर्थन में सामने आ गए हैं, जो जनवरी 1988 में आईएनएस विराट पर ड्यूटी के दौरान मौजूद थे। कमांडर वीके जेटली ने ट्वीट कर कहा, “राजीव और सोनिया ने बंगारम द्वीप अपनी छुट्टियां मनाने के लिए आईएनएस विराट का इस्तेमाल यात्रा के लिए किया था। मैं साक्षी हूं। उस समय मैं आईएनएस विराट पर पोस्टेड था।”

लेफ्टिनेंट कमांडर हरिंदर सिक्का ने टाइम्स नॉउ से बातचीत में बताया, “हमने इसके खिलाफ आवाज उठाई लेकिन हमें चुप रहने के लिए कहा गया। हम इस हरकत से क्रोधित थे, क्योंकि नौसेना के सूत्रों का उपयोग पीएम की छुट्टियों के लिए किया जा रहा था, लेकिन हम असहाय थे।” उन्होंने एडमिरल रामदास के एडमिरल बनने पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “एडमिरल रामदास राजनीतिक संबंधों की वजह से एडमिरल बने।”

आगे उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और कहा, “आगे से शायद कोई भी व्यक्ति सेना और उसके साधनों का इस तरह से दुरुपयोग नहीं करेगा।”

पूर्व नौसेना अधिकारी प्रफुल्ल कुमार पात्रा ने भी इस बाबत पीएम मोदी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “उस समय मैं आईएनएस विराट पर क्रू मेंबर के रूप में तैनात था, जब राजीव गांधी अपने पूरे परिवार के साथ लक्षद्वीप पर छुट्टियां मना रहे थे। जो कांग्रेस के हमदर्द हैं, वो इस संबंध में मोदी जी पर आरोप लगा सकते हैं। लेकिन मैं प्रत्यक्षदर्शी हूं।”

इन सब के अलावा पत्रकार अनीता प्रताप ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया, “हां, ये एयरक्राफ्ट का दुरुपयोग था। अगर मुझे पता होता कि ये रिपोर्ट कवर करना अनुचित है तो मैं यह रिपोर्ट कवर नहीं की होती।” बता दें कि अनीता प्रताप ने 1988 की इस खबर को कवर किया था और इंडिया टुडे की मैगजीन में आर्टिकल लिखा था।

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