भारतीय सेना द्वारा हाल ही में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी को जनता से भी वाहवाही मिलने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस लोकसभा चुनावों के बीच एकदम बौखला गयी है। गुरुवार को कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस सरकार के समय (2004-2014) कुल 6 सर्जिकल स्ट्राइक्स हुई थीं। लेकिन कांग्रेस के इन दावों की पोल पूर्व सेनाध्यक्षों ने ही खोल दी है। सैन्य अधिकारियों ने ऐसे किसी स्ट्राइक्स से साफ इंकार कर दिया है।

राजीव शुक्ला ने प्रेस कांफ्रेंस में तारीख और स्थानों के नाम के साथ बताया कि कब कब सर्जिकल स्ट्राइक्स हुई थीं। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी, तब छह सर्जिकल स्ट्राइक्स किए गए थे। पहली स्ट्राइक 19 जून 2008 को जम्मू कश्मीर के पूंछ जिले के भट्टल सेक्टर में, 30 सितंबर 2011 को घाटी के शारदा सेक्टर में, तीसरी 6 जनवरी 2013 को सावन पात्रा के चेकपोस्ट पर, 27-28 जुलाई 2013 को चौथा, 6 अगस्त 2013 को पांचवीं और 14 जनवरी 2014 को छठवीं व आखिरी सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी।

अब 29 सितंबर 2016 को हुए सर्जिकल स्ट्राइक के नायक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा है कि आप इसे सर्जिकल स्ट्राइक कहें या क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन, लेकिन मुझे इन सब के बारे में निश्चित तारीख और समय पता नहीं है। पूर्व डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने कांग्रेस के दावों पर एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि ये सर्जिकल स्ट्राइक्स नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन थे। 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में उन्होंने कहा, “वास्तव में, इसने (सर्जिकल स्ट्राइक) हमें वह रिटर्न दिया है, जो हम चाहते थे और इसके अलग-अलग प्रभाव थे। यही वजह है कि इस पर बहुत अधिक राजनीतिक शोर शराबा है। मुझे नहीं लगता कि हमें सेना पर सवाल उठाना चाहिए, मुझे नहीं लगता कि यह सही है।”

कारगिल युद्ध के समय सेनाप्रमुख का कार्यभार संभाल चुके जनरल वेद प्रताप मलिक ने कांग्रेस के दावों पर ट्वीट कर कहा कि उन्हें ऐसी कोई भी घटना याद नहीं, जब राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को इस तरह की कारवाई करने के लिए कहा हो, सिवाय 1984 को छोड़कर। उन्होंने इन दावों पर नाराजगी भी जताई।

इसके अलावा पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने भी इंडिया टुडे से बातचीत में कांग्रेस के दावों की हवा निकाल दी। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि सुरक्षाबलों द्वारा ऐसा प्रयास पहले कभी किया गया है। ये दावा मेरे ख्याल से गलत है।”

अब वर्तमान विदेश राज्य मंत्री एवं पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी कांग्रेस के दावों को खोखला बताने इस युध्द में कूद पड़े। उन्होंने ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा “क्या आप मुझे बताएंगे कि मेरे कार्यकाल ने दौरान आपने कौन सी ‘तथाकथित सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी?” बता दें कि जनरल सिंह 2011 में सेनाध्यक्ष थे।

मोदी सरकार के कार्यकाल में सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक एवं एयर स्ट्राइक के बाद पूरे देश का झुकाव जिस तरह से केंद्र में सत्तासीन बीजेपी के तरफ है, उससे बौखलाई कांग्रेस ने सेना को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। यही नहीं, अगर जनता केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना करती है और कांग्रेस की गलती बताती है तो पूरी लुटियन लॉबी उन्हें भक्त मंडली का खिताब दे देती है। लोकसभा चुनावों के बीच कांग्रेस ने जिस तरह से सर्जिकल स्ट्राइक्स के फर्जी दावे किए हैं, ये उनकी जबरदस्त हताशा को दर्शाता है। उन्हें आभास हो चुका है लगातार दूसरी बार वो सत्ता से बाहर रहने वाले हैं। चूंकि, इन खोखले दावों की पोल तत्कालीन सैन्य अधिकारियों ने खोल दी है, तो बीजेपी आगामी तीन चरणों के चुनावों में इस झूठ को जनता तक पहुंचाने का प्रयास अवश्य करेगी।

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