बरेली के चौका चौराहा स्थित रहमानी मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने को लेकर शुक्रवार (7 जून) को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मस्जिद के इमाम, उसके बेटों सहित 12 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के बाद लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल, नेशनल हाईवे पर शहर कोतवाली में स्थित चौका चौराहे पर एक मजार है। वहां पर जुमे के दिन पूरी सड़क को घेरकर नमाज होती है। इससे चौराहे पर लंबा जाम लग जाता है। जिस वजह से एसपी सिटी अभिनदंन सिंह ने पूरी सड़क घेरकर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद पहले से अधिक संख्या में लोग वहां शुक्रवार को इकट्ठे हो गए और जबरन नमाज पढ़ने पर आमादा हो गए।

रोड पर नमाज पढ़ने के लिए जमा हुए लोगों को पुलिस ने रोका तो नमाजियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ सिटी-1, सीओ सिटी-2 और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ एसपी सिटी अभिनंदन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की। वार्ता में तय हुआ कि नमाज मस्जिद के अंदर ही पढ़ी जाएगी और जरूरत पड़ी तो रोड पर दो लाइन ही लगा सकेंगे।

एसपी सिटी ने हंगामा खड़ा करने वालों को यह भी कहते हुए सख्त लहजे में समझा दिया कि अगर पूरी सड़क को घेरकर नमाज पढ़ी गयी, तो कानूनी कारवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती की जाएगी। इसी बीच आईएमसी नेता डॉ. नफीस ने मौके पर पहुंचकर आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने कोतवाली में मौजूद लोगों को भड़काकर सड़क पर फिर से नमाज पढ़वाया। उनका कहना था कि हमेशा ऐसे ही नमाज होती है, लेकिन बीजेपी सरकार की पुलिस उन्हें ऐसा करने से रोक रही है।