अपने अमेरिका दौरे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाक़ात की और कश्मीर (Kashmir) पर मध्यस्थता की गुजारिश की। इमरान खान ने कहा “मैं प्रेजिडेंट ट्रंप से कहना चाहता हूं कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और वह उपमहाद्वीप में शांति में अहम योगदान दे सकता है। कश्मीर मुद्दे का समाधान दे सकता है। मेरा कहना है कि हमने भारत के साथ बातचीत को लेकर हर प्रयास किया है।”

इमरान की बातों के जवाब में ट्रम्प ने कहा “दो सप्ताह पहले पीएम नरेंद्र मोदी से मेरी बात हुई थी। हमारी इस मुद्दे पर बात हुई थी और उन्होंने कहा था कि क्या आप मध्यस्थ हो सकते हैं। यह मुद्दा बीते 70 साल से लटका हुआ है और हमें खुशी होगी यदि हम इसमें कोई मध्यस्थता कर सकें।”

ट्रम्प के उस बयान को भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत खारिज कर दिया जिसमे उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उनसे मध्यस्तता की बात की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करते हुए कहा – “हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिए उस बयान का देखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।”

रवीश कुमार ने एक और ट्वीट करते हुए साफ़ किया कि “पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत के लिए सीमापार आतंकवाद पर रोक जरूरी होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों के द्विपक्षीय रूप से समाधान के लिए शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा।”

बहरहाल, पाकिस्तान की उम्मीदों को तब झटका लग गया जब व्हाइट हाउस की ओर से दोनों नेताओं की मुलाकात के संबंध में जारी प्रेस रिलीज में कश्मीर का मुद्दा गायब था। इस रिलीज में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप पाकिस्तान के साथ उन मुद्दों पर सहयोग के लिए काम कर रहे हैं, जो दक्षिण एशिया क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और खुशहाली के लिए अहम हैं।

इस मुद्दे पर अमरीकी कांग्रेसमैन ने भी कहा कि ‘यह सभी जानते है कि भारत हमेशा से कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता का विरोध करता रहा है।’

सिर्फ़ पाकिस्तान ही नहीं बल्कि भारत के अंदर बैठे कुछ नेताओं और पत्रकारों की उम्मीदों को भी झटका लगा। जैसे ही ट्रम्प का बयान आया तो देखिए भारत के नेताओं की क्या प्रतिक्रिया थी।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूछा कि क्या भारत सरकार डोनाल्ड ट्रम्प को झूठा कहेगी या उसकी नीति में अघोषित परिवर्तन हो गया है और वह कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष के दखल को राजी हो गई है।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा, ‘मध्यस्थता के लिए कहकर मोदी ने देश हितों के साथ भयानक विश्वासघात किया है।

हालांकि विपक्ष के नेताओं में शशि थरूर का बयान बिल्कुल वैसा ही था जैसा भारत के एक नेता का होना चाहिए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मसले पर कहा कि, “ट्रम्प को इस बात का अंदाजा ही नहीं है कि वे क्या से क्या बोल गए। उन्हें या तो सही से बताया नहीं गया होगा या वह समझ नहीं पाए होंगे कि मोदी क्या कह रहे हैं।”