कई अतंरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर राग अलापने के बाद भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने पक्ष में कोई दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बावजूद भी वह अपने इस मुद्दे को किसी भी हाल में छोड़ने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि खान अपने अमेरिकी दौरे के दौरान कश्मीर मुद्दे को फिर से उठाने के सपने देख रहे हैं। लेकिन उनकी आकांक्षा के विपरीत उन्हें यहां दोहरा झटका लगने वाला है।

गौरतलब है कि मोदी और इमरान दोनों 21 सितंबर को ही अमेरिका पहुंचेगे और एक ही दिन (27 सितंबर) दोनों यूएन की जनरल असेंबली (UNGA) में भाषण दे सकते हैं। यूएन असेंबली के कार्यक्रम के इतर पीएम मोदी दुनियाभर के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय मीटिंग्स भी करेंगे, यह साफतौर पर पाकिस्तान के लिए झटके जैसा होगा क्योंकि भारत को बदनाम करने की उसकी कोशिश फिर विफल होती दिख रही है। क्योकि उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों की धाक इस तरह की होगी जिससे कि इमरान के झूठ की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ले सकते है ‘हाउडी मोदी’ में हिस्सा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान कश्मीर मुद्दे पर बौखलाए हुए हैं और वह कई बार उनकी बौखालहट सामने आती रहती है। अपने अमेरिकी यात्रा के दौरान इमरान दो बार ट्रंप से मिलने वाले हैं। वहीं ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। बता दें कि 22 सितंबर को ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय को संबोधित करने वाले हैं। यह काफी बड़ा कार्यक्रम है जिसमें 50 हजार से ज्यादा दर्शक शामिल होंगे। हाउडी मोदी नाम के इस कार्यक्रम में ट्रंप हिस्सा ले सकते हैं।

ठीक उसी तरह जैसे कि 2015 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। उस समय मोदी ने वेम्बले स्टेडियम में भारतीय लोगों को संबोधित किया था। ट्रंप के इस कार्यक्रम में व्हाइट हाउस जल्द ही कोई जानकारी दे सकता है। ट्रंप के इस कार्यक्रम में शिरकत करने को अमेरिका में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है।

बता दें कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान पहले से ही अलग-थलग पड़ा है। यूके के नए पीएम बोरिस जॉनसन भी साफ कह चुके हैं कि इसका समाधान भारत और पाकिस्तान को ही मिलकर निकालना है। इससे पहले जिनेवा में पाकिस्तान ने मुंह की खाई थी।

तब वहां संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 42वें सत्र में पाक ने कश्मीर मसला उठाया था लेकिन वहां भारतीय राजनयिकों ने उसकी एक न चलने दी। वहां विदेश मंत्रालय में पूर्वी मामलों की सचिव विजय ठाकुर सिंह और फिर भारत की सेकंड सचिव कुमम मिनी देवी ने पाक को घेरा था।