जयपुर। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग के राज्यमंत्री गिरिराज सिंह सोमवार को हिंगोनिया गौशाला पहुंचे। यहां की व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। कहा कि गोबर से पेंट, डिस्टेंपर बनने का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने गोबर और गोमूत्र के उपयोग की बात भी गौशाला के संचालकों से कही। कहा कि गाय को मॉब लिंचिंग से अर्थनीति से जोडऩे की जरूरत है। यह अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगी। जिस दिन हो गया, उस दिन से लोग गायों को सड़क पर छोडेंग़े नहीं, बल्कि घर में बांधकर रखेेंगे।

गाय के गोबर से पेंट
केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर के कुमारप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान, सांगानेर गाय के गोबर से पेंट बना रही हैं। यह पेंट ब्रांडेड पेंट कम्पनियों से आधे दाम पर मिलेगा और यह डिस्टेंपर पेंट कई रंगों में उपलब्ध हैं। आम तौर पर  गाय के गोबर को पवित्र माना जाता है। ऐसे में इस पेंट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ सकती है।

5 रुपये किलो बिकेंगे गोबर
यह स्कीम किसानों की आय को दोगुना करने के लिए लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कागज एवं विजिटेबल डाई बनाने के लिए सरकार 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किसानों से गोबर खरीदेगी। एक जानवर एक दिन में 8-10 किलोग्राम गोबर करता है। ऐसे में, किसानों को अपनी मवेशियों से रोजाना कम से कम 50 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।

इसके अलावा खादी ग्रामोद्योग (केवीआईसी) की यूनिट केएनएचपीआई ने तो गाय के गोबर (cowdung) से कागज का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। अब देश भर में इस प्रकार के प्लांट लगाने की योजना तैयार की जा रही है। कागज बनाने के लिए गोबर के साथ कागज के चिथड़े का इस्तेमाल किया जाता है।