पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकाने पर एयर स्ट्राइक जब से किया गया है उसके बाद से विपक्षी नेताओं की छटपटाहट बढ़ने लगी है। जिसके कारण ऐसी बयानबाजी जारी है जो देश के खिलाफ है फिर भी नेताओं को इस बात का इल्म तक नहीं है। दअरसल पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक किए जाने से हिंदुस्तान में एक वर्ग है जो कहीं ना कहीं आहत होता है। पाकिस्तान के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध खराब होने से। भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन की पाकिस्तान से वापसी के बाद से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह लगातार आतंकी कैंपों पर की गई वायुसेना की एयर स्ट्राइक के सबूत मांग रहे हैं। अपने सवालों की फेहरिस्त में उन्होंने एक ट्वीट कर पुलवामा आतंकी हमले को ”पुलवामा दुर्घटना” करार दे दिया है।

हालांकि दिग्विजयसिंह के इस बयान पर लोगों ने आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के बागी नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि, पुलवामा ‘आतंकवादी हमला’ था जबकि दुर्घटना आपका पैदा होना था।

भाजपा प्रवक्ता तजिन्दर बग्गा ने भी दिग्विजयसिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि, आपका हिंदुस्तान में जन्म ही अपने आप मे एक दुर्घटना थी।

पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने भी दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने दिग्विजय से पूछा, ‘आप बताएं कि राजीव गांधी की मौत, हत्या थी या दुर्घटना? इसका मुझे जवाब दे दें बाकि बाद में बात में करेंगे।’

दिग्विजय सिंह वही इंसान हैं जिन्होंने आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ओसामा जी कहा था। दिग्विजयसिंह के दिल में हमेशा से आतंकवादियों के लिए जगह रही है। शायद इसी वजह से ‘आतंकवादी हमला बोलने में शर्म महसूस कर रहे हैं।

दिग्विजयसिंह के बयान पर आम यूजर्स ने भी उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है।

दिनेश चावला नाम के यूजर ने लिखा, ”पुलवामा दुर्घटना नहीं बल्कि आतंकवादी हमला था और जिसका माकूल जवाब दिया हमारी सेना ने, रहा सवाल अंतरराष्ट्रीय मीडिया का तो एक भारतीय होने के नाते मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो क्या कहते हैं, क्योंकि मुझे भारतीय सेना और भारत की मौजूदा सरकार पर भरोसा है।”

प्रशांत महातो ने लिखा, ”शायद आपकी समझ थोड़ी कम हो गई है, आतंकवादी हमला और दुर्घटना में अंतर होता है। पार्टी के साथ राजनीति करो न कि देश के साथ।”

राहुल राय नाम के यूजर ने लिखा, ”चचा पुलवामा दुर्घटना नही थी, आतंकियों द्वारा कायराना हमला था, भारतीय जवानों पर… उन्हीं भारतीय जवानों पर जिनमें से कुछ की आपने वर्दी खींचकर हाथ उठाया था। पर याद रहे यही हमारे हीरो हैं जो इन हीरोस पर हाथ उठाएगा उसे बदतर परिणाम झेलने होंगे। राजाओं वाला दौर गया कोई उत्तराधिकारी नहीं चलेगा।”