हलाला के नाम पर एक मुस्लिम महिला के साथ हैवानियत की खबर आई है। मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का है, यहाँ एक मुस्लिम महिला का हलाला कराने के बाद भी पति ने पत्नी को अपने साथ रखने से मना कर दिया। जबकि तलाक के बाद महिला के पति ने दोबारा निकाह करने की बात कही थी और फिर उसका हलाला कराया गया। लेकिन अब वह महिला को साथ रखने से मना कर रहा है।

खबरों के मुताबिक, यह घटना देवरिया जनपद के बघौचघाट थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव की है। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के सामीपट्टी गांव निवासी की युवती मुसिदा खातून का निकाह बघौचघाट थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव निवासी शहादत खान से 13 दिसंबर 2013 को हुआ। शहादत खान सऊदी अरब चला गया। पत्नी की किसी बात पर नाराज होकर उसने 2015 में सऊदी से ही मुसिदा खातून को फोन पर तलाक दे दिया।

इसके बाद मुसिदा अपने मायके आ गई और न्यायालय की चौखट पर पहुंची। मुकदमा दर्ज हुआ और न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई। तब शौहर शहादत को लगा कि स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए वह सऊदी से गांव आ गया और तलाक दे चुकी पत्नी को शातिर योजना के साथ रखने को राजी हो गया। इसके बाद मुकदमा वापस हो गया।

उसके बाद शौहर ने अपनी शातिर योजना के तहत मुस्लिम समुदाय के लोगों को बुलाया और पंचायत कराई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खाज में कोढ़ बन चुकी कुप्रथा हलाला का समर्थन किया। साथ ही मुसिदा खातून को हलाला करने का फैसला सुना दिया। हलाला के नाम पर जल्लाद पति शहादत खान ने पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज के ग्राम सिधवनिया निवासी अपने जीजा को अपनी पत्‍‌नी को सौंप दिया। उसके बाद महिला को उसका जीजा रखे रखा।

हलाला की अवधि खत्म होने के बाद उसके जीजा ने महिला को तलाक दे दिया। अपने जीजा के घर से जब मुसिदा ससुराल पहुंची तो अब वह महिला को साथ रखने से मना कर रहा है। लिहाजा अब महिला ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इसकी जांच की जा रही है। इस मामले में एसपी डा. श्रीपति मिश्र ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश बघौचघाट पुलिस को दिये हैं।

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