क्या आपको दिल्ली के मुख्यमंत्री का विधानसभा चुनाव के समय जनता से किया गया वादा याद है? अरे हां, वही वाला- ‘बिजली हाफ, पानी माफ।’

सोमवार को जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की तो अधिकारी अजीब तरीके से विरोध करते नजर आए। जल बोर्ड के सदस्यों ने लोगों के घरों में आए लाखों रुपए के बिल की पर्ची अपने कपड़े में लगा लिया और मुख्यमंत्री के सामने प्रदर्शन करते नजर आए। बीजेपी नेता जयप्रकाश और सत्यपाल मलिक जल बोर्ड के सदस्य हैं। सोमवार दोपहर जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जल बोर्ड पहुंचे तो उन्हें बोर्ड के सदस्यों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बता दें कि केजरीवाल जल बोर्ड के चेयरमैन हैं।

हैरानी की बात है कि कुछ लोगों के घरों में पानी के बिल छह लाख तक आए हैं, हालांकि ये काफी समय के पेंडिंग बिल भी हैं लेकिन जल बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि पहले दिल्ली के कोई भी मुख्यमंत्री पुराने बिलों को माफ करने के लिए स्कीम लाते थे, लेकिन बीते वर्षों से वर्तमान मुख्यमंत्री ने यह स्कीम भी बंद कर दी है।

जयप्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री ने माफ करने की स्कीम सिर्फ इसलिए रोक दी, क्योंकि वो दूसरी पार्टियों के सामने रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिखा सकें कि उनके कार्यकाल में जल बोर्ड का मुनाफा कई गुना बढ़ गया। लेकिन उन्हें इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता कि गरीबों के घरों में लाखों रुपए का बिल आ रहा है।

सत्यपाल मलिक और जयप्रकाश ने इसका विरोध करने के लिए 6 लाख रुपए का बिल अपने अपने जैकेट में सिलवा लिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे, ताकि मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया जा सके।