देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में शुमार जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय हमेशा विवादों में रहता है, इसी क्रम में बीते शुक्रवार की रात एक बार फिर जेएनयू में लव जेहाद के विषय को लेकर प्रदर्शित की जा रही एक फिल्म के चलते जमकर बवाल हुआ और फिल्म स्क्रीनिंग में तोड़फोड़ और हाथापाई भी हुई। फिल्म का नाम इन द नेम ऑफ लव जेहाद है, जिसकी स्क्रीनिंग विवेकानंद विचार मंच द्वारा की जा रही थी। दरअसल इस फिल्म में केरल में लव जेहाद के नाम पर हिन्दू लड़कियों के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया गया है, और इसकी स्क्रीनिंग के विरोध में JNU स्टूडेंट यूनियन और लेफ्ट विंग के छात्र यहां प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन तभी राइट विंग और लेफ्ट विंग के गुट आपस में भिड़ गए।

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छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई है और कई छात्र-छात्राएं जख्मी भी हुए हैं। दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर छात्राओं के साथ बदसलूकी का भी आरोप लगाया है। कैंपस के गेट पर पुलिस की तैनाती की गई है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को कैंपस के भीतर घुसने की इजाजत नहीं दी। लेफ्ट विंग और ABVP के छात्रों ने बसंत कुंज पुलिस स्टेशन जाकर इस मामले में एक-दूसरे गुट के छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

विवेकानंद विचार मंच और ग्लोबल इंडिया फाउंडेशन के सौजन्य से इस फिल्म की स्क्रीनिंग की गई थी जिसका मकसद था केरल में बड़े स्तर पर हो रहे धर्मांतरण को उजागर करना। फिल्म स्क्रीनिंग रखने वाले आयोजकों के मुताबिक यहां फिल्म दिखाने के पीछे उनका मकसद था कि जेनएयू में भी हो रहे धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके। इंडिया फाउंडेशन के प्रमुख और बीजेपी प्रवक्ता नवीन कुमार ने कहा कि केरल में बड़े स्तर पर महिला और पुरुषों का धर्मांतरण किया जा रहा है, ये बहुत गम्भीर विषय है और इसको लेकर हम सरकार के बड़े मंत्रियों से भी मिले है।

इस बीच फ़िल्म की स्क्रिनिंग शुरू होने से पहले ही JNU की लेफ्ट विंग ने फ़िल्म का विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान लेफ्ट विंग के छात्र-छात्राओं ने बैनर और पोस्टरों के जरिये बीजेपी पर निशाना साधा और RSS के खिलाफ नारेबाजी की, यही नहीं विरोधी लेफ्ट संगठन के छात्र बीजेपी और आरएसएस का पुतला फूंकने पर भी उतारू हो गए जिसे लेकर दोनों गुटों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। दोनों गुटों के बीच बढ़ती झड़प को देखते हुए जेएनयू के गार्ड वहां पहुंच गए और उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ही पकड़कर पीट दिया।

कार्यक्रम के आयोजक ने लेफ्ट विंग पर आरोप लगाया हैं की मूवी स्क्रीनिंग के दौरान JNU में वामपंथियों द्वारा स्क्रीन का तार तोड़ा गया, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़े गए। हमारे साथियों को सरेआम गालियां दी जा रही हैं और कैंपस में मौजूद सिक्योरिटी मुंह बंद करके ये सब देख रहा है।

ABVP के सेक्रेटरी दुर्गेश कुमार ने वामपन्थी छात्रनेता मोहित पांडेय पर आरोप लगाते हुए कहा कि “मुझे जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्द कहे, जब गार्ड मुझे बचाने आया तो मोहित पान्डेय गाड़ी में बैठकर तेजी से कार चलाते हुए निकाला, इस दौरान उसने एक गार्ड को अपनी गाड़ी के पहिए के नीचे रौंद दिया और इन सबमे जेएनयूएसयू की अध्यक्ष गीता कुमारी ने मोहित और आमिर को निकलने में मदद की।”

वही जान्हवी ओझा ने ट्वीट कर लेफ्ट विंग पर यह गम्भीर आरोप लगाया।

“सारी पंडित लड़कियों का चुन चुन के बलात्कार कर देंगे, ABVP वालो को सुअर की तरह काटेंगे”

फ्रीडम ऑफ एक्प्रेशन की आजादी का झंडा लिए खड़े जेएनयू के वामपन्थी संगठनों का एक फ़िल्म को लेकर ऐसा हिंसक विरोध उनका डबल स्टैंडर्ड दर्शाता हैं, विरोधी विचारों को भी उचित स्थान देना स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी हैं, परन्तु लेफ्ट विंग इस पर यकीन नही रखता, कम्युनिस्ट शासित केरल विपरीत विचारधारा वाले विचारकों की नृशंस हत्याओ के लिए कुख्यात हैं।

2 COMMENTS

  1. Bharat को हिन्दूराष्ट्र बनाने के लिए सड़कों पर उतरकर विराट आंदोलन करना ही एकमात्र विकल्प है। इसके सिवा और कोई रास्ता नही है।

  2. बंगाल केरल हर जगह ये अपने विरोध में खड़े लोगो की हत्याए कर रहे हैं इन वामपंथी लोगो से और क्या उम्मीद की जा सकती हैं

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