वैष्णो देवी में 2016 में भूस्खलन की घटना में फंसे तीर्थयात्रियों की जान बचाने वाले सीआरपीएफ के शहीद हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह की शहादत को नमन करने के लिए PMO ने उनका नाम का जीवन रक्षा कैटेगरी में दिए जाने वाले प्रधानमंत्री पुलिस मेडल के लिए चयनित किया है। शहीद हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह की तरफ से यह सम्‍मान उनकी पत्‍नी हरजीत कौर ग्रहण करेंगी।अर्धसैनिक बल के एक प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा बल की छठी बटालियन के हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह को 24 अगस्त, 2016 को खुद की जान दांव पर लगाकर वीरता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री मेडल से सम्मानित किया जा रहा हैं

कैसे हुआ था हादसा

सीआरपीएफ 06 बटालियन जो बीते कई वर्षो से देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वैष्णो देवी भवन के साथ ही मार्ग तथा आधार शिविर कटड़ा में तैनात है। हेड कास्टेबल हरविंदर सिंह इसी बटालियन के जवान थे। 24 अगस्‍त 2016 के दिन हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह की तैनाती मंदिर के गेट नंबर तीन पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा जांच के लिए की गई थी। बरसात के मौसम को लेकर आम दिनों की तरह वैष्णो देवी भवन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी और श्रद्धालु माँ वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

दोपहर के समय श्रद्धालुओं का एक जत्‍था अपनी सुरक्षा जांच के लिए हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह के पास पहुंचा। इस जत्‍थे में अधिकांश बुजुर्ग, महिलाएं और बच्‍चे शामिल थे। हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह ने इस जत्‍थे की सुरक्षा जांच के बाद अंदर भेजा ही था, तभी ऊपर लगे टीन शेड पर पत्‍थरों के गिरने की आवाज उनके कानों पर पड़ी।

उन्‍होंने देखा कि एक बड़ी सी चट्टान पहाड़ से लुढकते हुए श्रद्धालुओं की तरफ चली आ रही है। श्रद्धालुओं को बचाने के लिए हेड कांस्‍टेबल हरविंदर सिंह लोहे की ग्रिल से घिरे रास्‍ते में घुस गए और श्रद्धालुओं को बाहर निकालने लगे। इस दौरान कई ऐसे भी श्रद्धालु थे, जिन्‍हें हेड कांस्‍टेबल हरविंदर सिंह ने अपने हाथों में उठाकर बाहर तक पहुंचाया।

तभी जिस चट्टान से वह श्रद्धालुओं को बचाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं चट्टान उनके ऊपर आ गिरी। चट्टान इतनी भारी थी कि दर्जनों आदमी मिलकर भी उसे हिला भी नहीं पा रहे थे। करीब डेढ़ घंटे की जद्दोजहद के बाद चट्टान को तोड़ा गया। जिसके बाद उनके मृत शरीर को चट्टान से बाहर निकाला जा सका।

बड़ी बेटी ने दी थी शहीद पिता को मुखाग्नि

शहीद हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर जिले के अंतर्गत आने वाले गलिया गांव के रहने वाले थे। उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्‍मान के साथ कटरा से उनके पैत्रक गांव के लिए रवाना किया गया। चूंकि उनके परिवार में उनकी सिर्फ दो बेटी हैं, इसलिए उनका अंतिम संस्‍कार और मुखाग्नि देने की रस्‍म उनकी बड़ी बेटी रवनीत कौर ने पूरी की थी।

सम्‍मान मिलने पर पत्नी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री पुलिस मेडल मिलने पर शहीद हेडकांस्‍टेबल हरविंदर सिंह के परिजनों ने खुशी जाहिर की है,  उनकी पत्‍नी हरजीत कौर ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे CRPF मुख्‍यालय से उन्हें बताया गया कि प्रधानमंत्री की तरफ से उनके शहीद पति को जीवन रक्षा के लिए पुलिस मेडल दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि उनके मेडल के जरिए उनके शहीद पति को मिलने वाले सम्‍मान की खबर से बेहद खुश हैं। उन्‍हें खुशी है कि उसके पति की शहादत को दुनियां नमन कर रही है।