आज तक (Aaj Tak) न्यूज चैनल की एंकर अंजना ओम कश्यप (Anjana Om Kashyap) ने एक टीवी डिबेट के दौरान यह कहकर बवाल खड़ा कर दिया कि आदित्य ठाकरे शिवसेना के राहुल गांधी साबित होंगे। हालांकि, सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद अंजना ने ट्वीट के जरिए अपने बयान पर खेद प्रकट कर दिया है। अंजना ने कहा कि ये उनका कमेंट था, जिसका चैनल या नेटवर्क से कोई लेना-देना नहीं है।

दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद टीवी शो के दौरान आदित्य ठाकरे का बयान चल रहा था। इस बीच अंजना ने ऑफ स्क्रीन आदित्य ठाकरे के बारे में कहा कि यह शिवसेना का ‘राहुल गांधी’ साबित होगा। लिखकर रख लीजिए। हालांकि, अंजना को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि माइक्रोफोन ऑन है और उनकी इस बात को लाइव टीवी पर सभी दर्शक सुन रहे हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि अंजना ने यह ‘ऑफ एयर’ कहा जो गलती से प्रसारित हो गया। देखा जाए तो इस तरह की बातचीत से किसी को कोई आपत्ति नही होनी चाहिए। हम सभी लोग निजी क्षणों में अपने दोस्तों के साथ इस तरह की हलकी फुलकी बातचीत करते रहते है। हालांकि इसको लेकर अब कांग्रेसी नेताओं ने भी बवाल खड़ा कर दिया है।

कांग्रेस छात्र इकाई NSUI के अध्यक्ष रह चुके कांग्रेस नेता कुमार राजा ने अंजना ओम कश्यप को पीटने की धमकी ट्विटर पर दी है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उकसाते हुए कहा कि जो कोई हमारे नेता के बारे में बेहूदा बात कहेगा उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पीटा भी जाएगा।

हिंसा के लिए उकसाने वाले कांग्रेस नेता के इस बयान पर उन्हें सोशल मीडिया पर फटकार भी लग रही हैं। शिवसेना नेता राहुल कलाते ने कहा कि ‘राहुल गांधी अपनी रैलियों में प्यार की राजनीति की बात करते हैं, और उनके युवा नेता महिला पत्रकार की पिटाई की तैयारी कर रहे है। कांग्रेस पार्टी जैसी ढोंगी पार्टी पूरे ब्रह्मांड में नही मिलेगी।’

हालांकि अंजना ओम कश्यप ने यह नही कहा कि राहुल गांधी किस तरह के नेता है। फिर इन लोगो ने यह कैसे समझ लिया कि राहुल गांधी पर अंजना ने कोई बेहूदी टिप्पणी की है। मतलब साफ है कि कांग्रेस के नेताओ को ही राहुल गांधी पर भरोसा नही है कि वह बेहतर नेता है इसलिए अंजना की टिप्पणी को वह नकारात्मक तरीके से ले रहे है।

बहरहाल पत्रकारो को धमकाने और उनकी जुबान बन्द करने का कांग्रेसी नेताओं की पुरानी संस्कृति रही है। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी का सबसे ज्यादा अत्याचार पत्रकारिता पर ही हुआ। सैकड़ों पत्रकार इस दौरान जेल भेजे गए, और कई अखबारों पर प्रतिबंध लगा। अभी हाल में सवाल पूछने पर प्रियंका गांधी ने अपने चमचो से ABP न्यूज़ के एक पत्रकार को मिर्जापुर में पिटवाया था।