द संडे गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 2012 में सेना द्वारा तख्तापलट की खबरों के पीछे कांग्रेस नेताओं का हाथ था।

गौरतलब हो कि 2012 में तख्तापलट की खबर Indian Express में छपी थी जिसके बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया था। अब एक अख़बार के इस खुलासे के बाद की वो खबर तत्कालीन जनरल वीके सिंह को कठघरे में खड़ा करने और बदनाम करने के लिए जानबूझ कर छपवाई गयी थी, फिर से राजनीति में भूचाल ला दिया है।

गार्डियन अख़बार में Army Coup को लेकर हुए खुलासे के बाद शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा। भाजपा ने यूपीए-2 के दौरान उड़ाई गई तख्तापलट की खबरों को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रूख अख्तियार कर लिया है। भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कहा कि यूपीए सरकार के चार वरिष्ठ मंत्रियों ने भारतीय सेना के खिलाफ खबरें प्लांट करवाई थी। उन्होंने देश की सेना के खिलाफ गलत खबरे छपवाने की साजिश रची थी। यह देश के साथ गद्दारी है। हमनें स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष से इसकी बैठक बुलाने की मांग की है, ताकि जांच की जा सके कि इस तरह की खबरों में कौन शामिल था और उसका मकसद क्या था। सेना के अधिकारियों को इस जांच में शामिल कर मकसद का पर्दाफाश करवाया जाए।

इसके साथ ही भाजपा ने अपनी प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी से पांच सवाल भी पूछे हैं।

  1. क्या भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए आईएसआई या पाकिस्तानी आर्मी ने तो ऐसा नहीं किया?

  2. क्या किसी के कहने पर भारत की सेना को पाकिस्तान ने बदनाम तो नहीं किया?

  3. तख्तापलट की गलत स्टोरी के पीछे का मकसद क्या था?

  4. कहीं इस तरह की खबरों के पीछे गांधी परिवार खास तौर पर राहुल गांधी का हाथ तो नहीं था?

  5. कौन इस तरह की अफवाह फैला रहा था, कौन-कौन मंत्री इसमें शामिल थे?

बता दें कि मार्च 2010 से मई 2012 तक वर्तमान सरकार में विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह भारतीय सेना के प्रमुख थे। जनरल ववीके सिंह के साथ तत्कालीन यूपीए सरकार का विवाद कोर्ट तक पहुंचा था। जिसके बाद सिंह पर तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ तख्तापलट करने की कोशिश की खबर अख़बारों और न्यूज़ चैनलों में आने लगी थी। अब इस खुलासे की वो Fake News थी और जानबूझ कर कांग्रेस द्वारा प्लांट करवाई गयी थी, भूचाल आना तो लाजिमी है।

गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इन खबरों पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आईबी के अफसरों को बुलाकर इस खबर के बारे में जानकारी मांगी थी। आईबी के एक अधिकारी ने बताया, “कोई तख्तापलट का प्रयास नहीं किया गया था। तख्तापलट की कोशिश के तहत हुई घटनाओं और सैन्य आंदोलनों को सामान्य सैन्य अभ्यास कहा गया। हमने अपनी जाँच के बाद प्रधानमंत्री जी को स्पष्ट रूप से बताया था कि इस प्रकार का कुछ भी (सेना समर्थित तख्तापलट) नहीं होने वाला था। लेकिन यह सच है कि यूपीए के साथ जुड़े शीर्ष लोगों के गुस्से कि वजह से वह दबाव में आ गए थे। बाद में सब कुछ स्पष्ट होने के बाद मजबूर होकर केंद्रीय मंत्रिमंडल के चार वरिष्ठ मंत्रियों को मीडिया के सामने आकर कहना पड़ा था कि तख्तापलट नहीं होने वाला था।”

वहीं इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद तत्कालीन सेनाध्यक्ष और वर्तमान सरकार में मंत्री वीके सिंह ने कहा है कि तख्तापलट कांग्रेस के लोगों के दिमाग का उर्वर था। तख्तापलट जैसा भारत में कुछ नहीं होता है। ये सेना को बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने झूठी कहानी को रचा था।