केरल में एक बच्ची को मदरसे से महज इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि वह चंदन का टीका लगाकर आई थी। मामला केरल के कोझिकोड का है, और बच्ची 5वीं में पढ़ती है। उसके पिता का कहना है कि बच्ची ने एक शॉर्ट फिल्म में एक्टिंग करने के लिए माथे पर चंदन का टीका लगाया था, इस वजह से उसे मदरसे से बाहर निकाल दिया गया।

उमर मलयिल के एक फेसबुक पोस्ट से पूरा मामला सामने आया है। मलयिल ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, “मेरी 10 साल की बेटी हिना पढ़ाई के अलावा खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी काफी आगे रहती है। एक शॉर्ट फिल्म में एक्टिंग के लिए मेरी बेटी ने माथे पर चंदन का टीका लगाया था। इस वजह से उसे मदरसे से बाहर निकाल दिया गया, शुक्र है कि बेटी को सिर्फ मदरसे से निकाला गया, पत्थर नहीं मारा गया।”

മകൾ ഹെന്ന മലയിൽ (ഒരുഷോർട് ഫിലിം കോസ്റ്റൂമിൽ)
പഠനത്തിനോടൊപ്പം തന്നെ പാട്ട്, പ്രസംഗം, അഭിനയം തുടങ്ങിയവയിലൊക്കെ കഴിവ്…

Posted by Ummer Malayil on Wednesday, 4 July 2018

 

उमर मलयिल ने ये पोस्ट मलयालम में लिखी है, उन्होंने लिखा, ” मैं 100 फीसदी मानवता का विश्वासी हूँ, किसी भी समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं हूँ अपने धर्म के अलावा मैं सभी धर्मों का बराबर सम्मान करता हूँ, मुझे मानवता प्यारी है।” उमर मलयिल का ये पोस्ट वायरल हो रहा है। अब तक लगभग 8 हजार से ज्यादा लोगों ने उनके पोस्ट को लाइक कर चुके हैं. करीब 3 हजार लोग इसे शेयर भी कर चुके हैं।

उमर की फेसबुक पोस्ट वायरल होने के बाद कुछ लोग मदरसे के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि चंदन का टीका इस्लाम और शरीयत के खिलाफ है, इसलिए मदरसे ने सही फैसला लिया। जबकि, कुछ लोगों का कहना है कि ये मामला इतना बड़ा भी नहीं है कि इसे तूल दिया जाए ये कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं है, जिसपर बहस होनी चाहिए।

वैसे भी मुद्दा इस देश मे “टोपी ना पहनने” पर बनता हैं उस पर अंतरराष्ट्रीय डिबेट हो सकती हैं कि सेकलुरिज्म खतरे में हैं, देश मे असहिष्णुता का माहौल हैं लेकिन ऐसे मसलों पर चर्चा करना जहाँ मुस्लिम और मदरसे कटघरे में खड़े होते हैं घोर साम्प्रदायिकता समझा जाता हैं।

बैंगलोर मिरर की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया हैं कि बच्ची के निष्कासन की एक वजह यह भी थी कि उसे इस्लामिक शिक्षा में कोई रुचि नही थी और वह इसके प्रति उदासीनता दिखाया करती थी।

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नही हुआ हैं जब कोई मदरसा विवाद के घेरे में हैं इसके पहले लखनऊ के एक मदरसे से उत्तर प्रदेश पुलिस ने 51 लड़कियों को बचाया था, जहाँ कथित रूप से मदरसा प्रबंधक के ऊपर इन लड़कियों को बंधक बनाकर यौन शोषण का आरोप लगा था।