स्वामी चिन्मयानंद यौन शोषण मामले में आज मंगलवार को एसआईटी ने छात्रा को हिरासत में लिया है। स्वामी पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा पर रंगदारी मांगने का आरोप है। एसआईटी ने छात्रा को घर से हिरासत में लिया है। छात्रा और उसके तीन साथियों पर स्वामी चिन्मयानंद की ओर से रंगदारी वसूलने के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

गौरतलब है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम की एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में मीडिया के सामने उसने चिन्‍मयानंद पर बलात्‍कार का आरोप लगाया था। चिन्‍मयानंद को इस मामले में हाल में गिरफ्तार कर लिया गया था। उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश पर गठित एसआईटी प्रकरण की जांच कर रही है।

एसआईटी की जांच में बेहद चौकाने वाले तथ्य का खुलासा हुआ है कि कथित पीड़ित छात्रा अपने तीन दोस्तो के साथ मोबाइल फोन के जरिये चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांग रही थी। सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह लड़की अपने तीन दोस्तों के साथ रंगदारी को लेकर बातचीत करती देखी गयी थी। इस मामले में लड़की के आरोपी दोस्‍तों संजय, विक्रम तथा सचिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

इस मामले में जानकारी देते हुए एसआईटी के आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया की छात्रा के तीनों साथियों संजय सिंह, सचिन सेंगर उर्फ सोनू और विक्रम ने स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की बात कबूली है। इन तीनों ने वायरल विडियो में खुद के होने की बात भी स्वीकार की है।

इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आरोप लगाने वाली छात्रा और चिन्‍मयानंद के बीच जनवरी 2019 से अगस्‍त महीने के बीच 200 बार फोन पर बातचीत हुई है। उधर, इन्‍हीं 8 महीनों के दौरान छात्रा और उसके साथ संजय के बीच 4200 से ज्‍यादा बार फोन पर बात हुई थी।

आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि एसआईटी ने हर जरूरी डिजिटल साक्ष्य, दोनों पक्षों के फोन कॉल डीटेल जुटाए। घटनास्थल, संस्थान, पीड़िता के घर और हॉस्टल से भी साक्ष्य एकत्र किए। गाड़ियों के मूवमेंट, टॉल टैक्स बैरियर, दिल्ली और राजस्थान के होटलों से सीसीटीवी फुटेज, बैंक और एटीएम से रकम निकालने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।

बहरहाल इस मामले में छात्रा के लिए भी मुसीबत खड़ी हो गयी है। एसआईटी की जांच में साफ सबूत मिले है कि छात्रा चिन्मयानन्द से रंगदारी वसूलने की साजिश में शामिल थी। एसआईटी के एक अधिकारी ने कहा, ‘जबरन वसूली मामले में पीड़‍िता सक्रिय थी और हम उस पर नजर रखे हुए हैं। हम उचित समय पर कार्रवाई करेंगे।’