पिछले लगभग 5 सालों से विपक्ष में रहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में जनादेश से बौखलाई कांग्रेस अब नौकरशाहों को धमकी देने लगी है। मालूम हो कि शनिवार को एक कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता अमोल पालेकर अपनी स्पीच दे रहे थे। अपनी स्पीच में उन्होंने कुछ ऐसी बातें कह दी, जिससे वहां बैठे लोगों को लगा कि उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ बोला है, तो उन्होंने रोक दिया गया। इस मामले को अब राजनीतिक रंग दे दिया गया है।

रविवार को इसी मुद्दे पर पूर्व कानून मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “किसी के खिलाफ राजद्रोह हो जाता है, किसी को बोलने नहीं दिया जाता है। यही तो न्यू इंडिया है न! देश बदल रहा है! मोदी जी तो इन्हीं अच्छे दिनों के बारे में बात करते थे न!”

इसके बाद उन्होंने इशारों इशारों में ही केंद्रीय संस्थाओं, जांच एजेंसियों और उनमे कार्यरत अधिकारियों को भी धमकी दे डाली। नौकरशाहों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “अधिकारियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कभी वह विपक्ष में हैं, तो कभी सत्ता में भी हो सकते हैं। हमलोग उन पर कड़ी निगाह रख रहे हैं, जो प्रधानमंत्री के प्रति अति उत्साह और श्रद्धा-निष्ठा भाव दिखा रहे हैं।”

पिछले 15 दिनों में यह तीसरी बार है, जब किसी कांग्रेस नेता ने नौकरशाहों को धमकी दी है। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जमीन आवंटन घोटाले को लेकर सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के बाद अधिकारियों को धमकाया था। इसके बाद आनंद शर्मा ने अधिकारियों पर अपना रौब दिखाते हुए कहा था, “अधिकारियों को यह समझ लेना चाहिए कि किसी भी पार्टी के पास सत्ता स्थायित्व नहीं है।”

गौरतलब हो कि पिछले हफ्ते राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वो सरकारी संस्थानों में आर एस एस की तरफ झुकाव रखने वालों को बाहर करेंगे। कांग्रेस नेताओं की अधिकारियों को इस तरह की धमकियां हैरान करने वाली हैं। इन नेताओं की बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब ये सत्ता में होंगे तो अधिकारियों पर किस तरह से अपना धौंस जमाते होंगे।