फरवरी 2016 में आरक्षण की आग लगाकर पूरे हरियाणा को जलाने वालो के चेहरे बेनकाब होने शुरू हो गए हैं। दरअसल सीबीआई ने 3 जुलाई को हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने, डकैती व दंगों के मामले में कुल 51 लोगो के खिलाफ पांच हजार पन्नो की चार्जशीट दाखिल कर दी हैं। इसमे से बहुत सारे आरोपी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और एक नेता विशेष के बहुत खास माने जाते हैं।

बता दें कि सीबीआइ ने सभी आरोपितों के खिलाफ देशद्रोह की धारा 124ए के तहत भी आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में एडवोकेट सुदीप कलकल, मनोज दुहन, संदीप राठी, मास्टर मोहिंद्र सिंह हुड्डा, धर्मेंद्र के अलावा अन्य के नाम हैं। सीबीआइ ने सीबीआइ के स्पेशल ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में इन आरोपितों पर अंडर सेक्शन 120-बी, 124-ए, 148, 149, 186, 188, 307, 353, 395, 427, 436, 450 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत आरोपपत्र दायर किया है।

कैप्टन अभिमन्यु के परिवार के लोगों ने सीसीटीवी फुटेज सीबीआइ को सौंपी थी, जिसमें आगजनी, लूटपाट करते हुए काफी लोगों को देखा गया था। परिवार के सदस्य भी सीसीटीवी फुटेज में चीखते-चिल्लाते भागते दिखाई दिए थे। चलिये हम आपको सिलसिलेवार तरीक़े से आरोपियों के कांग्रेसी कनेक्शन के बारे में बताते हैं।

एडवोकेट सुदीप कलकल– सुदीप कलकल हरियाणा के पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेहद खास हैं, ये हुड्डा के भतीजे के साढू हैं। दंगो के समय इनका मोबाइल सर्विलांस पर लगा हुआ था, जिससे पता चला कि आंदोलन के दौरान योजना बनाकर 19 फरवरी को कैप्टन अभिमन्यु के निवास को निशाना बनाया और आगजनी लूटपाट में मुख्य भूमिका निभाते हुए शामिल रहा। सीबीआई ने इसे अफवाह फैलाकर दंगा कराने का भी आरोपी पाया, इसकी पुष्टि कॉल डिटेल, लोकेशन और गवाहों ने की हैं।

गौरव हुड्डा : ये कांग्रेसी नेता कृष्णमूर्ति हुड्डा का बेटा हैं। गौरव हुड्डा उन लोगो में शामिल हैं जिसने 35 बिरादरी के प्रदर्शन में गालिया निकाली, और लड़ाई की। 19 फरवरी को हमले के दिन ये MDU के गेट नम्बर दो के सामने मौजूद रहा। इसकी पहचान हमले के समय मौजूद गवाहों ने की। इसके पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेहद खास माने जाते हैं, मुख्य आरोपियों में इसका नाम आना बहुत कुछ साबित कर जाता हैं।

मनोज दुहन : सीबीआई ने मनोज दुहन पर बेहद गम्भीर आरोप लगाए हैं। यह कांग्रेसी नेता यशपाल मलिक का बेहद खास हैं। मोबाइल रिकार्डिंग से पता चला हैं कि पंजाबियों और गैर जाटों के प्रति इसने जहर फैलाने वाले घृणित भाषण दिए, जाट छात्रों को पुलिस द्वारा और गैर जाटों द्वारा पिटे जाने की झूठी अफवाहे फैलाई और पब्लिक को सरकार के खिलाफ खड़ी करने में मुख्य भूमिका निभाई। सीबीआई ने इसे पुलिस और वित्तमंत्री निवास पर हमले का मुख्य मास्टरमाइंड माना हैं।

सचिन दहिया : वित्तमंत्री निवास पर हमले में यह शामिल था। ये रोहतक के पूर्व कांग्रेसी विधायक बीबी बतरा का पीए रहा हैं। सीबीआई को इसके खिलाफ पक्के वीडियो और ऑडियो सबूत मिले हैं।

दिलावर सिंह : कांग्रेसी नेता हैं, 19 फरवरी को पुलिस मुठभेड़ के बाद इसने भीड़ को कैप्टन अभिमन्यु के घर की तरफ जाने के लिए उकसाया, वित्तमंत्री निवास की वीडियो फुटेज में यह हिंसक गतिविधियों में लिप्त दिख रहा हैं।

अरविंद सिंह गिल : यह भी कांग्रेस से जुड़ा हुआ हैं, यह MDU के सामने धरने में शामिल था वहाँ पुलिस पर हमले के बाद वित्तमंत्री निवास पर हमले में शामिल हुए।

राजेश कुमार पुत्र हवा सिंह : वित्तमंत्री निवास के हमले के पहले यह MDU के गेट नम्बर दो पर था, और वित्तमंत्री निवास पर हमला बोला जिसकी पुष्टि मोबाइल लोकेशन से हुई और गवाहो ने इसे पहचाना। यह भी कांग्रेस से जुड़ा हुआ हैं।

अशोक बल्हारा : अशोक बल्हारा वित्तमंत्री निवास पर हमले में शामिल था जिसकी पुष्टि वहाँ मौजूद गवाहों ने की, यह हुड्डा सरकार में एएजी लगा और बेहद खास करीबियों में हैं। सरकार जाने के बाद जाट नेता बना और यशपाल मलिक की समिति में बड़े पद पर रहकर खुद को बड़े नेता के तौर पर स्थापित करने का प्रयास कर रहा हैं।

कुलबीर फोगाट : ये भी वित्तमंत्री निवास पर आग लगाने
वालो मे शामिल रहा। वाहनो मे तोडफोड आैर आग लगाने वालो में ये मुख्य रूप से शामिल था। मास्टर महेंद्र सिंह के साथ ये वीडियो फुटेज मे भी शामिल दिखाई पड़ रहा। ये भी कांगेस से जुड़ा हुआ हैं।

मास्टर महेंद्र सिंह : वित्तमंत्री निवास पर हमले के समय उसकी भूमिका की पहचान सीसीटीवी फुटेज मे हुई।
मोबाइल लोकेशन ने भी इसकी पुष्टि की। ये रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खास वर्कर रहा है।

जगपाल : ये आराेपित एमडीयू के सामने 15 से 21 तक
धरने का मुख्य आयोजक था। 19 फरवरी 2016 को जगपाल ने सुबह दस बजे एग्रो मॉल के सामने पुलिस पर हमला बोला। इसके बाद करीब ढाई बजे इसने युवाओ को वित्तमंत्री निवास पर हमले के लिए उकसाया और खुद भी हमले मे शामिल हुआ। गिरफ्तारी के वक्त हमले मे शामिल उसका हथियार भी बरामद हुआ।

इसके अलावा नरेंद्र, जोगेंद्र जोगा, और एनएसयूआई से जुड़ा छात्र नेता धर्मेंद्र उर्फ धर्मा भी सीसीटीवी फुटेज मोबाइल लोकेशन के जरिये पकड़े गए हैं। इनको भी सीबीआई ने चार्जशीट में आरोपी बनाया हैं।

यह था मामला

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में भड़की हिंसा के दौरान 19 और 20 फरवरी 2016 को सेक्टर-14 स्थित वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास में आगजनी, लूटपाट व हत्या का प्रयास किया गया था। परिवार के सदस्य जान बचाकर पिछले दरवाजे से भागने में सफल रहे थे। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस में 27 फरवरी को केस दर्ज किया था। पहले एसआइटी और बाद में सीबीआइ को इस मामले की जांच सौंपी गई थी।

(यह आर्टिकल सीबीआई चार्जशीट के आधार पर आर्टिकल पर लिखा गया हैं)