अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अपने एक बयान के बाद फिर मुसीबत में घिर गए हैं। बड़ी मुश्किल से माफी मांगकर अपने ऊपर से उन्होंने सभी मानहानि के केस खत्म किए थे लेकिन अपने हालिया बयान से वह फिर मानहानि केस के चक्कर में फंस गए हैं।

दरअसल आम आदमी पार्टी काफी लंबे समय से दावा कर रही है कि दिल्ली के लाखों वोटरों का नाम साजिश के तहत मतदाता सूची से हटा दिया गया। इस मामले में पार्टी के कई नेताओं समेत सीएम अरविंद केजरीवाल भी ऐसे आरोप लगाते रहते हैं। इसी क्रम में सीएम केजरीवाल ने कहा था कि बीजेपी ने अग्रवालों का नाम वोट लिस्ट से हटा दिया है। उनके इसी बयान के खिलाफ बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने पटियाला हाउस कोर्ट में दिल्ली बीजेपी की तरफ से मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले में अब बुधवार को सुनवाई होगी।

बीजेपी ने कहा कि मतदाता का नाम काटने और जोड़ने का काम एक संवैधानिक प्रक्रिया है। जो चुनाव आयोग करता है। लेकिन केजरीवाल खुद को ही चुनाव आयोग समझे बैठे है और बिना तथ्यों के कोई भी अनर्गल बात करने से नहीं चुकते। बीजेपी ने कहा कि केजरीवाल और AAP की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीजेपी पर 30 लाख मतदाताओं का नाम कटवाने का झूठा आरोप लगा रही है

इसी ट्वीट और बयान के आधार पर हुई शिकायत

बता दें कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने पिछले दिनों बीजेपी पर वोटर लिस्ट से मतदाताओं को नाम कटवाने का आरोप लगाया था। 4 दिसंबर 2018 को केजरीवाल ट्विटर पर लिखा था कि अग्रवाल समाज के 8 लाख वोटर्स हैं जिसमें बीजेपी ने 4 लाख वोटर्स के नाम कटवा दिए। इसके बाद 6 दिसंबर को फिर एक ट्वीट कर उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में 30 लाख वोटर्स का नाम बीजेपी ने कटवा दिया। जिसमें पूर्वांचल के 15 लाख वोटर्स, 8 लाख मुस्लिम और 3 लाख दूसरे वोटर्स हैं।

आप की मान्यता रद्द कर झाडू जब्त करने की मांग

केजरीवाल खुद को चुनाव आयोग समझ बैठे: तिवारी

बीजेपी के नेता राजीव बब्बर ने एक ओर जहां पटियाला हाउस कोर्ट मानहानि का मुकदमा दायर किया, तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य चुनाव आयोग से मुलाकात की। बीजेपी ने आयोग को अरविंद केजरीवाल के ट्वीट भी सौंपे हैं। मीडिया को जानकारी देते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से आम आदमी पार्टी के संयोजक और नेताओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही हमने आदमी पार्टी की मान्यता रद्द कर चुनाव चिन्ह जब्त करने की अपील की है। तिवारी ने कहा कि इससे देश की एकता और अखण्डता में जाति का विष घोलने वाले लोगों पर लगाम लगेगा।