भगवा चोला पहने बिशप की फोटो वायरल होने के बाद बवाल, हिन्दुओं को गुमराह करने के लगे आरोप

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बेलगाम डायसिस (Belgaum diocese) के बिशप डेरेक फर्नांडीस की भगवा रंग का चोगा और सिंदूरी टीका लगाए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया यूजर्स उन पर आरोप लगा रहे है कि यह भगवा चोला उन्होंने धर्म परिवर्तन करवाने के लिए पहना है।

बता दें, इन तस्वीरों में भगवा रंग का चोगा और सिंदूरी टीका लगाए बिशप डेरेक फर्नांडीस के साथ कुछ और भी लोग वैसे ही कपड़ों में नजर आ रहे हैं। कुछ ने रुद्राक्ष की माला भी पहनी है। बताया जा रहा है कि डेरेक को पोप फ्रांसिस ने बेलगाम के छठे बिशप के तौर पर 1 मई को नियुक्त किया था। यह तस्वीरें उसी प्रोग्राम की ईसाई धार्मिक अनुष्ठान की है।

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हिन्दू समुदाय का कहना है कि डेरेक ने जानबूझकर ऐसी वेश भूषा बनाई जिससे हिन्दुओ को गुमराह करके उनका धर्म परिवर्तन करवाया जा सके। पूर्व में भी ईसाई पादरी धर्म परिवर्तन करवाने के लिए ऐसी गन्दी तकनीकी का प्रयोग करते रहे है। वहीं कई ईसाइयों ने भी ट्विटर पर बिशप को ऐसी गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी और कइयों ने इसे ईशनिंदा भी करार दिया।

भगवा चोले में हिन्दुओ को गुमराह करते पादरी

वहीं इस पूरे मुद्दे पर सफाई देते हुए बेलगाम डायसिस के पदाधिकारी फिलिप कुट्टी ने बताया कि ये तस्वीरें 29 अगस्त को बिशप के दूशनूर की एक चर्च के दौरे पर ली गई थीं। उन्होंने बताया, ‘पहले यह चर्च विरक्त मठ था। ईसाई पादरी वहां करीब 40 साल पहले गए और भगवा चोगा पहनने की जैसी परंपराओं को अपनाया। यहां तक कि जो तंबू बनाया गया था, वह भी शिवलिंग के आकार में था।’

डायसिस के एक अन्य पादरी नेल्सन पिंटो ने बताया है कि जब सबसे पहले पादरी देशनूर गए तो उन्होंने स्थानीय संस्कृति को अपना लिया। उस इलाके में मुख्यत: लिंगायत समुदाय के लोग रहते थे। पिंटो ने बताया कि पादरी शाकाहारी भी हो गए। उन्होंने साफ किया कि पादरियों ने लोगों का धर्म परिवर्तन करने की कोशिश नहीं की। आर्कबिशप फिलिप नेरी फराओ ने भी कहा कि यह ऐसी ही परंपरा की तस्वीरें लग रही हैं जिसमें स्थानीय संस्कृति को अपनाया जाता है।

बहरहाल, जहां एक और चर्च विवाद पर सफाई दे रहा है, वहीं तस्वीरें पोस्ट करने वाले ऐक्टिविस्ट सैवियो रॉड्रिग्ज को धमकियां मिल रही हैं। एक ईसाई ट्विटर यूजर Adv Don Vaz ने रॉड्रिग्ज की की तस्वीर लगाकर उनका चेहरा काला कर जूतों की माला पहनाने वाले को 50,000 रुपये देने का वादा तक कर दिया।

तो वही एक यूजर ने कहा, “सेविओ, आप जो कोई भी हैं, कृपया हमारे धर्म के खिलाफ कुछ मत लिखिए। तुम्हें हमारे धर्म के खिलाफ बात करने का कोई अधिकार नहीं है।” बता दे ईसाई पादरी के सारे प्रोपेगेंडा को खुलासा सेवियों ने ही किया था जिसकी वजह से ईसाई समुदाय उनसे बुरी तरह नाराज है।

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Awantika Singhhttp://epostmortem.org
Social media enthusiast , blogger, avid reader, nationalist , Right wing. Loves to write on topics of social and national interest.
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