पुलवामा हमले के बाद भारत ने बदला लेने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट में मौजूद जैश के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। शुरुआत में तो पाकिस्तान ने भारत की एयर स्ट्राइक को झूठ करार दिया था। लेकिन शुक्रवार को मामला तब संदेहास्पद हो गया, जब पाकिस्तानी आर्मी ने बालाकोट के उस इलाके को सीज कर दिया है, जहां भारत ने एयरस्ट्राइक की थी। एक न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर को इस इलाके में जाने पर बैन लगा दिया था। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने मीडिया की यहां आने से पाबंदी लगाने के पीछे की वजह आतंकियों की लाशें हैं। पाकिस्तान आर्मी भारतीय हवाई हमले में मारे गए आतंकियों की लाशें हटवा रही है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकाने में 270 से 280 आतंकी मौजूद थे। अब एक ऑडियो टेप भी सामने आया है। इसमें एक पाकिस्तानी  नागरिक भारतीय वायुसेना द्वारा मचाई गई तबाही के बारे में बात कर रहा है। इस शख्स की पहचान नहीं हो पाई है। वह यह भी बता रहा है कि कैसे पाकिस्तान बालाकोट की हकीकत को दबाने की कोशिश कर रहा है।

एयर स्ट्राइक के चश्मदीद ने कहा ‘हिंदुस्तानी जंगी जहाजों के जो बालाकोट पर हमला किया था। जिसके बाद वहां मंजर बहुत ही दर्दनाक था। हमले में घायल जख़्मी लोग चीख-चीख कर पाक आर्मी के सामने मदद मांग रहे थे। लेकिन बेरहम और ज़ालिम पाकिस्तान आर्मी ने तो उन्हें मेडिकल सुविधाएं दी और न तो वहां तक डॉक्टर को जाने दिया।’

चश्मदीद ने कहा ‘पाकिस्तान आर्मी ने भारतीय जंगी जहाजों से मारे गए ज्यादातर तादाद में आतंकियों के लाश को जलाई हैं। पाक आर्मी ने अपनी गाड़ियों से पेट्रोल निकाला है जो पेट्रोल इनके पास था उससे भी लाशों को जलाया है और जो बच गए थे उसे बोरी में बांध कर कुनहार नदी में फेंक दिया, ताकि कोई भी सुराग न मिल सके, लेकिन इतना रफा – दफा करने के बावजूद भी लोगों के पास वीडियो व्हाट्सअप पर  मौजूद है वे एक – दूसरे को भेज भी रहे हैं।

चश्मदीद ने आतंकियों के नाम भी बताए

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ‘माइनशाह अब्दार जाक, लाहौर के मेजर रिटायर्ड हवार राणा, कराची के अल्ताफ अली चौधरी, रावलपिंडी के मुदस्सर अली, बहावलपुर के उस्ताद मोहसिन, दत्ताखेल के ताफेल दोस्त मारे गए हैं। इसके अलावा, धानू के रहने वाले दो भाई अली खाटक और बहादुर खाटक भी हमले में मारे गए। जैश का गुजरांवाला का रहने वाले एक टॉप कमांडर भी मारा गया है। उसे जैश का अहम आतंकी कमांडर बताया गया है। मारे गए अन्य आतंकियों में सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट राणा मोहसिन अली, मियांवाला का ताफीक उमर, मोईन अली, सरदार सुहैल, डेरा गाजी खान का कैप्टन रियायर्ड मुश्ताक, मंडी बवालदीन का शहरयार दीन, कराची के मॉडल टाउन का स्पेशल वीडियो एडीटर ताहिर अली शेख भी शामिल है। इसके अलावा डेरा स्माइल खान का आईईडी एक्सपर्ट इंजीनियर राणा भी इस हमले में मारा गया।’

इस ऑडियो में यह दावा भी किया है कि बालाकोट में रहने वाले लोगों से उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए।  26 फरवरी को हुए हमले से पहले से ही इस इलाके में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड कर दी गई थीं ताकि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की सूचना साझा न कर सके।