सुप्रीम कोर्ट में चल रही रामजन्मभूमि विवाद की सुनवाई पर आज भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने एक बार फिर सभी पक्षकारों से 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर लेने कि बात कही। सीजेआई ने कहा कि किसी को भी एक भी दिन ज्यादा वक्त नहीं मिलेगा।

दरअसल, आज अयोध्या विवाद के सुनवाई का 32वां दिन है। सुनवाई शुरू होते ही सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा, “सभी पक्षकारों को 18 अक्टूबर तक हर हाल में सुनवाई पूरी कर लेनी है। किसी भी पक्षकार को एक भी दिन ज्यादा समय नहीं मिलेगा। 18 अक्टूबर से आगे सुनवाई की तारीख नहीं बढ़ेगी।” कोर्ट ने आगे कहा कि चार हफ्ते में फैसला देना भी बड़ा चमत्कार होगा। बता दें कि सीजेआई जस्टिस गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि 17 नवंबर से पहले इस मामले में फैसला आ सकता है।

रामजन्मभूमि विवाद में अभी मुस्लिम पक्ष की तरफ से जफरयाब जिलानी दलीलें रख रहे हैं। मंगलवार (24 सितंबर) को जफरयाब जिलानी ने जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पूछे जाने पर कहा कि वो (सुन्नी वक्फ बोर्ड) राम चबूतरे को राम जन्मस्थान मानते हैं, लेकिन बुधवार को जिलानी अपनी बात से पलट गए। इससे पहले मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन अपनी दलीलें पूरी कर चुके हैं।

6 अगस्त से शुरू हुई मामले की सुनवाई में हिंदू पक्ष की तरफ से रामलला विराजमान और निर्मोही अखाड़ा ने दलीलें पूरी कर चुके हैं। हालांकि, मुस्लिम पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद हिंदू पक्ष को एक बार और अपना पक्ष रखने का वक्त मिलेगा। मुस्लिम पक्ष ने एएसआई की रिपोर्ट पर भी अपनी दलीलें रखनी चाहीं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। बता दें कि कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक घंटा समय बढ़ा दिया है। सोमवार से गुरुवार तक शाम 5 बजे तक सुनवाई होगी और शुक्रवार को दोपहर 1 बजे तक सुनवाई होगी।