छत्तीसगढ़ के रायपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दौरान एक युवक द्वारा मंच तथा पंंडाल में बैठे लोगों पर हमला करने का मामला सामने आया है। जब सभी लोग सो रहे थे, तब यह हमला किया गया। हमलावार ने पंडाल में घुसकर मूर्तियाँ तोड़ीं तथा हिंदू धर्म ग्रंथ फाड़ डाले। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शेख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, रायपुर के चुन्नी भठ्ठी इलाके में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। कथा आयोजकों के मुताबिक मंगलवार आधी रात जब सभी लोग सो गए थे, तभी अचानक मोहल्ले का मोहम्मद शेख पंडाल में आया और वहां मौजूद मूर्तियों से लेकर धार्मिक ग्रंथों को फेंकने लगा। इस दौरान उसने लाउडस्पीकर और कई मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त भी कर डालीं।

शोर सुनकर जबतक लोग नींद से जागते, तबतक शेख फरार हो चुका था। बुधवार को आयोजकों के साथ तमाम श्रध्दालुओं ने पुलिस में इसकी शिकायत की और सुनवाई न होने पर आक्रोशित लोगों ने थाने में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना जब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी को मिली, तो वह मौके पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मो. शेख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

हालांकि, पुलिस जब आरोपी को पकड़ने गयी, तो उसने गाली गलौच शुरु कर दी। इसी दौरान शेख का भाई भी वहाँ आकर कथा आयोजकों को धमकाने लगा। इसके बाद पुलिस ने शेख के साथ साथ उसके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।

महिलाओं के साथ भी की अभद्रता

आरोपी शेख ने सिर्फ धार्मिक आस्था को ठेस ही नहीं पहुंचाया, बल्कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया।इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद व नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर और सुनील चौधरी सहित पार्टी के कार्यकर्ताओं पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आखिर वे कौन लोग हैं, जो शांत छत्तीसगढ़ का वातावरण बिगाड़ने पर तूले हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की। साथ ही उपद्रवी तथा उसके भाई के खिलाफ कठोर कारवाई की मांग भी की।

कांग्रेस के नेताओं की कही बात सच हो रही है?

कांग्रेस की सरकार बनते ही समुदाय विशेष के हौसले सातवें आसमान पर है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि चुनाव के समय मध्यप्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बंद कमरे में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि अगर उन्हें 90% मुसलमानों के वोट नहीं मिले, तो वे हार जाएंगे। इसपर क्षमा तो दूर, कमलनाथ या पार्टी के किसी भी बड़े पदाधिकारी ने सफाई भी नहीं दी थी। यही नहीं, कुछ महीने पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुस्लिमों के कार्यक्रम में कहा था कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है। इस बात की पुष्टि पार्टी के ही अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष नदीम जावेद ने भी इंकलाब अखबार को दिए साक्षात्कार में की थी।