लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही दिल्ली मे सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर हमले तेज कर दिए हैं। इस सियासी घमासान के बीच अरविंद केजरीवाल ने सार्वजनिक मंच से दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी के लिए अपशब्द कहते हुए कहा कि ‘तुम होते कौन हो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने वाले, दिल्ली क्या तुम्हारे बाप की है?

सोशल मीडिया पर आजकल ‘आत्ममुग्ध बौने’ नाम से फेमस अरविंद केजरीवाल यही नही रुके, लिहाज की सभी सीमाओं को लांघते हुए उन्होंने मनोज तिवारी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि दिल्ली के पूर्ण राज्य के लिए मनोज तिवारी के पिता जी ने धरना नहीं दिया था। केजरीवाल के इस बयान की सोशल मीडिया पर भी जमकर निंदा हो रही हैं। अरविंद केजरीवाल के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया। बीजेपी ने कहा कि ये कोई सड़कछाप की नहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री की भाषा है।

बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल के भाषण का वीडियो ट्वीट करते हुए हमला बोला, ‘दिल्ली तो आपके बाप की भी नहीं है केजरीवाल जी। अपनी घटिया राजनीति के लिए आप तो अपने बच्चों तक की झूठी कसम खा जाते हो। सत्ता के लालच में कांग्रेस के चरणों में पहले ही गिरे पड़े हो, और कितना गिरोगे ?’ बता दें कि मनोज तिवारी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा ना दिए जाने के कारणों में साल 2014 में रेल भवन पर अरविंद केजरीवाल के धरने को भी एक वजह बताया था।

दरअसल अरविंद केजरीवाल अभी तक एक ‘फेल मुख्यमंत्री’ साबित हुए है। अपनी हर असफलता के लिए पीएम मोदी पर आरोप लगाकर छिपने की कोशिश करते है। भष्ट्राचार के खिलाफ आंदोलन करके आये सत्ता में आये केजरीवाल सरकार के मंत्रियों विधायको और खुद उन पर भष्ट्राचार के आरोप लग रहे है। यहां तक कि वह जिन नेताओ को गाली दिया करते थे उनके साथ मंच साझा कर रहे है। चारा घोटाले में सजा पाए लालू यादव के साथ गले मिलती उनकी फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

मजबूत लोकपाल की बात करने वाले अरविंद केजरीवाल से हाल में जब दिल्ली के लोकायुक्त ने दिल्ली के सभी विधायक मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा मांगा था तो उस समय भी इन्होंने इसे राजनीति से जोड़ दिया था। जबकि उनकी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों को छोड़कर सभी ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया।

केजरीवाल के इसी रवैये की वजह से 70 में से 67 सीट जीतने वाली आम आदमी पार्टी दिल्ली के निकाय चुनावों में बीजेपी से बुरी तरह हारी। इसी हार का डर उन्हें अब लोकसभा चुनाव में भी सता रहा हैं, कांग्रेस से गठबंधन के लिए लालायित है लेकिन उन्हें भाव नही मिल रहा, इस वजह से वह सार्वजनिक जीवन की मर्यादा भूलकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। चुनावो के दौरान खुद पर स्याही जूते चप्पल फिंकवाने का उनका पूरा रिकार्ड रहा है, अभी उनका यह दाव भी बाकी है।

Leave a Reply