विपक्षी दलों ने अपना एक रणनीति बना लिया है कि जैसे जैसे आम चुनाव नजदीक आता जाएगा, वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जितना असभ्य भाषा का प्रयोग कर सकते हैं, करेंगे। अभी हाल ही चंद्रबाबू नायडू के अनशन में लगे विवादित पोस्टर का विवाद शांत नहीं हुआ था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री भी अब इस रेस में कूद पड़े हैं।

दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली के एपी भवन पहुंचे, जहां उन्होंने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए एक दिन के उपवास पर बैठे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को समर्थन दिया। मंच पर भाषण देते हुए उन्होंने पीएम मोदी पर विपक्षी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया।

अपने भाषण में केजरीवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री विपक्षी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों के साथ भेदभाव करते हैं। वो ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे भारत के नहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हों।”

बहरहाल, केजरीवाल पहले भी ऐसा कर चुके हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने भारतीय सेना द्वारा पीओके में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सबूत मांगा था और उन्हें भारत सरकार और सेना से ज्यादा भरोसा पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना पर था। आज उन्हें पाकिस्तान खराब लग रहा है।

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