भारत में एक बार फिर से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिश का खुलासा हुआ है। राजस्थान में हनी ट्रैप का मामला सामने आने बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। भारतीय थलसेना की खुफिया विभाग और राजस्थान पुलिस की विशेष टीम ने जासूसी के आरोप में जैसलमेर में तैनात आर्मी के एक जवान सोमवीर को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि सोमवीर सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के माध्यम से आईएसआई के संपर्क में था। एक हफ्ते से जारी इस पूछताछ में एक के बाद एक तथ्य खुलकर सामने आ रहें हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि, पाकिस्तान की आईएसआई की महिला एजेंट ने 45 से ज्यादा जवानों को अपने जाल में फंसाया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा भारत की जासूसी करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बढता जा रहा है।

पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जासूसी करने के लिए सेना के जवानों को लुभाने की भी कोशिश की है। कुछ महीने पहले, नागपुर में ब्रह्मोस के एक इंजीनियर निशांत अग्रवाल को कथित तौर पर जासूसी करने और संवेदनशील जानकारी देने के लिए गिरफ्तार किया गया था। तब भी पाकिस्तानी हैंडलर्स ने अग्रवाल को हनीट्रैप करने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल किया था। अक्टूबर, 2018 में भारतीय सेना के ही एक जवान को मेरठ कैंट से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

आईएसआई एजेंट ने खुद को बताया नर्सिंग कैप्टन

पाकिस्तानी एजेंट ने अनिका चोपड़ा के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया था। इसके बाद उसने साल 2016 में सोमवीर को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। धीरे धीरे उसने सोमवीर के फ्रेंड लिस्ट में मौजूद सभी आर्मी के जवानों से दोस्ती कर ली। मिलिट्री इंटेलिजेंस की नज़र अब इन्हीं जवानों पर है। पूछताछ में सोमवीर ने यह भी बताया कि वह एजेंट खुद को नर्सिंग कैप्टन बताती थी।

एजेंट ने छिपाई फ्रेंड लिस्ट

महिला के नंबर की जांच में पता चला की आईपी एड्रेस पकिस्तान के कराची का है। सोमवीर के पकड़े जाने के बाद भेद खुलने के डर से आईएसआई एजेंट अनिका ने अपनी फ्रेंड लिस्ट और निजी जानकारी को छिपा दिया है ताकि कोई देख न पाए। एजेंसियों ने अनिका के बैंक खाते की भी जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि सोमवीर ने पैसे अपने भाई के खाते में मंगवाए थे।

पिछले साल सितंबर में, उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने बीएसएफ जवान, मध्य प्रदेश के रीवा जिले के निवासी अच्युतानंद मिश्रा को आईएसआई के साथ भारत की रक्षा तैयारियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए गिरफ्तार किया था। यूनिट ऑपरेशनल डिटेल्स, पुलिस एकेडमी और ट्रेनिंग सेंटर के बारे में जानकारी साझा करने का दावा करने वाली एक महिला द्वारा उसे “हनी-ट्रैप” द्वारा फंसाया गया। उससे पहले, भारतीय राजनयिक के घर में रसोइए के रूप में काम करने वाले रमेश नाम के एक व्यक्ति को जम्मू और कश्मीर की सैन्य खुफिया इकाई और उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिथौरागढ़ से आईएसआई को सूचना देने के लिए गिरफ्तार किया था।