जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के ऐतिहासिक फैसले के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अब यहां पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के जश्न में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह 15 अगस्त को दिल्ली से श्रीनगर जाएंगे और यहां लालचौक पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में तिरंगा फहरायेंगे।

कश्मीर घाटी में अमित शाह के इस खास दौरे को यहां के सियासी परिदृश्य में एक बड़ा फैसला कहा जा रहा है। पूर्व में जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अगर किसी ने अनुच्छेद 370 से छेड़छाड़ की तो कश्मीर में तिरंगा लहराने वाला कोई नहीं बचेगा। ऐसे में शाह के इस फैसले को इस चुनौती के खिलाफ एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। बता दें, जम्मू-कश्मीर की सभी पंचायतों में भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया जाएगा।

हालांकि, अमित शाह के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद गृहमंत्री अमित शाह के पहले दौरे को लेकर भी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है, लेकिन माना जा रहा है कि वे जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कई दिनों से घाटी में हैं जहां वे स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। खबर है कि वे भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल चौक पर मौजूद रह सकते हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, गृह मंत्री की यात्रा को लेकर पहले से जानकारी नहीं दी जा सकती है। खुफिया एजेंसियों ने गृहमंत्री अमित शाह की जान को खतरा भी बताया है। 27 साल पहले, 1992 में पाक संचालित आतंकी संगठनों की धमकियों के बावजूद नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था।