जैसा कि आप लोगों ने समाचारों में देखा या पढा होगा भारत की पहली डॉमेस्टिक क्रूज शिप ‘अंग्रिया’ का उद्घाटन हो चुका है और ये 24 अक्टूबर से औपचारिक रूप से यात्रियों के लिए चलने लगेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी द्वारा इसी क्रूज शिप के उद्घाटन के दौरान ली गई सेल्फी पर काफी विवाद भी देखने को मिला था। चलिये इस प्रोजेक्ट के बारे विस्तार से जानते हैं।

ये प्रोजेक्ट सागरमाला योजना के अंतर्गत शुरू किया गया है और ये क्रूज शिप गोवा और मुम्बई के बीच चलेगी। इसका नामकरण पहले मराठा नेवी एडमिरल कनहोजी आंग्रे के नाम पर किया गया है। अभी तक भारत में जो भी क्रूज शिप चलती थी वो या तो विदेशों से आती थी या विदेशी कम्पनी सर्विस देती थी। इसलिए इसको पहली डोमेस्टिक क्रूज शिप कहा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दूं ये क्रूज शिप सरकारी नहीं है। न तो केंद्र सरकार न ही महाराष्ट्र सरकार इसका मालिकाना हक रखती हैं। गोवा एकोटूरिसम कंपनी – सी ईगल क्रूज की सब्सिडरी कंपनी अंग्रिया सी प्राइवेट लिमिटेड इस पर मालिकाना हक रखती हैं। अब आपके दिमाग में ये सबाल आ रहा होगा कि ये अगर प्राइवेट कंपनी का मामला है तो इस पर केंद्र और राज्यसरकारें क्यों इतना प्रोमोशन कर रही हैं? इसका एक सीधा सा जबाब है – इसके पहले अगर कोई प्राइवेट कंपनी चाहती भी कि वो अपनी इस प्रकार की कोई सर्विस शुरू करे तो सरकार की तरफ से लंबी चौड़ी प्रोसेस के बाद भी परमिशन मिलनी मुश्किल होती थी, साथ ही साथ पोर्ट पर सरकार की तरफ से कोई सुविधाएं भी नहीं मिल पाती थी। यहां सरकार ने परमिट लेने की प्रोसेस को आसान बनाया है एवं पोर्ट पर जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई हैं जिससे कि क्रूज सर्विस सुचारू रूप से चल सकें।

आइए अब देखते हैं कि सागर माला योजना के अंतर्गत ये कैसे काम करेगा। सागरमाला योजना में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय, पर्यटन डिपार्टमेंट – डिपार्टमेंट ऑफ मेरीटाइम स्टेट गवर्नमेंट साथ साथ काम करेंगे। पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन के अंतर्गत कोस्टल सर्किट का विकास किया जाएगा, लाइट हाउस बनाये जाएंगे, पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा नेशनल मेरीटाइम म्यूज़ियम लोथल में बनाया जाएगा। द्वारका में इसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत अभी अंडरवाटर गैलरी भी बन रही है।

अगर हम क्रूज शिप की बात करें तो इसमें 104 कमरे जिनको 8 अलग अलग कैटेगरी में बांटा गया है। इसमें लगभग 400 यात्री और 70 क्रू मेंबर आ सकते हैं। वैसे तो मुंबई से गोवा ये केवल 8 घण्टे में पहुंचा सकती है लेकिन लोग ज्यादा से ज्यादा एन्जॉय कर सकें इसलिए ये अपनी रफ्तार को धीमा करके तकरीबन 14 घण्टे लेगी। इसका टिकट प्रति व्यक्ति लगभग 7000 से 14000 रुपये तक हो सकता है।

अगर हम 2017 के बात करें तो लगभग 2.7 करोड़ भारतीय लोगों ने विदेश यात्राएं की थी। इनमें से मात्र 1.5 लाख लोग क्रूज शिप पर गए थे। हालांकि ये आंकड़े इस वर्ष बढ़कर 2 लाख तक होने का अनुमान है। सन 2025 तक अगर इसी प्रकार क्रूज का क्रेज लोगों में बढ़ता रहा तो अनुमान के मुताबिक करीब 20 से 25 लाख लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। आपको याद ही होगा उत्तरप्रदेश के वाराणसी में भी हाल ही में अलकनंदा क्रूज का उद्घाटन हुआ है लेकिन ये क्रूज शिप का आकार नदी के अनुसार ही है जबकि जो क्रूज शिप गोवा-मुम्बई के बीच चलने वाली है तो अपेक्षाकृत बड़े आकार की है।

Leave a Reply