भारतीय घरेलू एयरलाइन एयर विस्तारा ने 19 अप्रैल (शुक्रवार) को अपने ट्विटर अकाउंट पर कारगिल युध्द के नायक मेजर जनरल जीडी बख्शी (गगनदीप बख्शी) की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें सम्मानित किया और एयर विस्तारा एयरलाइंस की सेवा प्राप्त करने के लिए धन्यवाद दिया।

आपको बता दें कि मेजर जनरल जीडी बख्शी 1971 में बांग्लादेश की आजादी का युध्द और 1999 में कारगिल युध्द लड़ चुके हैं। वो रक्षा मामलों और पाकिस्तान के खिलाफ अपने तेजतर्रार एवं बेबाक वक्तव्यों के लिए जाने जाते हैं। कारगिल युद्ध में बटालियन की कमान संभालने के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। उनके बड़े भाई कैप्टन रमनदीप बख्शी 1965 के भारत-पाकिस्तान युध्द के पहले शहीद हैं।

23 साल की उम्र में अपने भाई के शहीद होने के बाद मेजर जनरल बख्शी 1967 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल हो गए और 14 नवंबर, 1971 को भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्हें 1971 के युध्द में भेज दिया गया। इसके बाद 1999 में वह कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन विजय’ की योजना बनाने के लिए सैन्य संचालन निदेशालय लौट आए। हाल ही में 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले पर उन्होंने कहा था कि “पाकिस्तान ने अब युध्द शुरू कर दिया है और हम उसे समाप्त करेंगे।”

मेजर जनरल बख्शी भारत में बैठे पाक प्रेमियों की आंखों में कांटों की तरह चुभते रहे हैं और हमेशा से ही राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ रहे हैं। वो पाकिस्तान को किसी भी हालत में बख्शने के मूड में नहीं रहते हैं। यही कारण है कि जब उन्हें एयर विस्तारा ने सम्मानित किया, तो भारत में बैठे पाकिस्तान से बातचीत की वकालत करने वालों के पेट में ऐंठन शुरू हो गई

कुछ ट्विटर यूजर्स ने जमकर इस एयरलाइन को कोसा और मेजर जनरल बख्शी को सम्मानित करने से बौखलाकर उन लोगों ने इंडिगो एयरलाइन चुनने धमकी दे डाली। इनामुल हक़ नाम के ट्विटर यूजर ने कहा कि ये व्यक्ति (जनरल बख्शी) मुस्लिमों के खिलाफ ज़हर उगलता है व उनके खिलाफ हो रहे अपराधों को बढ़ावा देता है और यह एयरलाइंस इसे सम्मानित कर रही है।

थोड़ी देर बाद फर्जी खबर फैलाने में माहिर पत्रकारों कि झुंड भी इस ‘ट्विटर ट्रोलिंग’ में शामिल हो गया। स्वाति चतुर्वेदी ने कहा कि एयरलाइंस अपने इस व्यवहार के कारण अपने ग्राहक कम कर रही है। अब समझदार लोग इंडिगो की फ्लाइट से यात्रा करेंगे।

प्रोपेगैंडा फैलाने वाली पत्रकार रोहिणी सिंह ने भी एयर विस्तारा को छोड़कर दूसरे एयरलाइंस की सेवा लेने की इच्छा जाहिर की।

फर्जी तथ्यों के आधार पर कहानियां बनाने वाले ‘जनता के रिपोर्टर’ पोर्टल के संस्थापक रिफ़त जावेद ने भी जनरल बख्शी को मुस्लिम विरोधी बताया और दूसरी फ्लाइट की सेवा लेने की इच्छा जताई।

आपको मालूम होगा कि कुछ दिन पहले ये महाशय फ्लाइट यात्रा के दौरान नमाज़ पढ़ने को लेकर चर्चा में आए थे। इन्होंने अपने नौटंकी को ट्विटर पर शेयर कर अपनी दुकान चलाने की कोशिश की थी, जिस पर आजतक के वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने जमकर धोया था।

इन लोगों के दोहरे चरित्र को देखिए ज़रा। एक तरफ तो बुध्दिजीवियों का यह गिरोह कहता है कि वो सैनिकों और शहीदों का सम्मान करते हैं, दूसरी तरफ जब कोई एयरलाइंस युध्द के नायकों को सम्मानित करती है, तो इनसे देखा नहीं जाता है। सिर्फ इसलिए, क्योंकि वो इनके अनुसार अपनी बात नहीं रखते हैं।

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